मंगल अब अपनी नीच राशि कर्क में संचरण कर रहे हैं, जो इस राशि में 12 नवंबर तक रहेंगे। वहीं देवगुरु बृहस्पति भी 31 अक्तूबर 2026 तक कर्क राशि में रहेंगे, इस तरह से मंगल-गुरु की युति कर्क राशि में बनी हुई है। कर्क राशि में मंगल नीच के होते हैं, वहीं गुरु कर्क राशि में उच्च के होते हैं। इस तरह से मंगल के नीचत्व का प्रभाव गुरु के कर्क में होने से नीचभंग राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में नीजभंग राजयोग को बहुत ही शुभ योग माना जाता है। इसके प्रभाव से जातकों के भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। आइए जानते हैं नीचभंग राजयोग बनने से किन-किन राशि वालों को सबसे ज्यादा लाभ होगा।