ज्येष्ठ मास में जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब शुरू होती है नौतपा की वह अवधि, जिसे साल के सबसे गर्म और प्रभावशाली दिनों में गिना जाता है। इन नौ दिनों में सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है और लू का असर भी ज्यादा महसूस होता है। ज्योतिष और परंपरा दोनों ही दृष्टिकोण से यह समय विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसे प्रकृति के संतुलन और आने वाले मौसम से भी जोड़ा जाता है। ऐसे में इस अवधि के दौरान कुछ सावधानियां बरतना और सूर्य देव से जुड़े उपाय करना लाभकारी माना जाता है। आइए जानते हैं नौतपा के इन नौ दिनों में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और क्या उपाय अपनाने चाहिए।