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Narak Chaturdashi 2025: नरक चतुर्दशी पर करें ये पांच उपाय, जीवन के सभी संकट होते हैं दूर

Thu, 16 Oct 2025 02:41 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Narak Chaturdashi 2025 Upay: नरक चतुर्दशी के दिन विधिवत पूजा और उपाय करने से जीवन से दरिद्रता, दुख और नकारात्मकता का अंत होता है। साथ ही सुख-समृद्धि का वास होता है।
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नरक चतुर्दशी 2025 - फोटो : Amar Ujala
Narak Chaturdashi 2025 Upay: दीपावली का पांच दिवसीय पर्व पूरे देश में बड़े उमंग के साथ मनाया जाता है। इस उत्सव का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी कहलाता है, जिसे रूप चौदस या काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने दैत्यराज नरकासुर का वध कर 16,000 कन्याओं को उसके बंधन से मुक्त कराया था। इसलिए यह दिन अंधकार और अधर्म पर प्रकाश व धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।
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नरक चतुर्दशी 2025 तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में नरक चतुर्दशी 19 अक्तूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन विशेष रूप से दीपदान और पूजा-पाठ का अत्यधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधिवत पूजा और उपाय करने से जीवन से दरिद्रता, दुख और नकारात्मकता का अंत होता है। साथ ही सुख-समृद्धि का वास होता है।
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चौमुखी दीपक जलाएं - फोटो : adobe stock
चौमुखी दीपक जलाएं
नरक चतुर्दशी की रात मिट्टी का चौमुखी दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। इसमें सरसों का तेल डालकर चार दिशाओं की ओर चार बत्तियां लगाई जाती हैं। इस दीपक को ‘यम दीप’ कहा जाता है, जो मृत्यु के देवता यमराज को समर्पित होता है। इसे घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखकर जलाया जाता है।

दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप करें-
“मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह, या त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतामिति॥”
घर के सबसे वरिष्ठ सदस्य को यह दीपक जलाना चाहिए और जलाने के बाद दीपक को पलटकर नहीं देखना चाहिए। उस उपाय से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।
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मां काली की आराधना - फोटो : Adobe
मां काली की आराधना
नरक चतुर्दशी को काली चौदस भी कहा जाता है। इस दिन मां काली की पूजा करने से व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा, भय और संकटों से मुक्ति मिलती है। पूजा के समय लाल गुड़हल के फूल अर्पित करें और “ॐ क्रीं कालिकायै नमः” मंत्र का जप करें। यह साधना शत्रु नाश और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्ति का माध्यम मानी जाती है।

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हनुमान जी की पूजा  - फोटो : adobe stock
हनुमान जी की पूजा 
इस दिन हनुमान जी की आराधना भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है। प्रभु हनुमान के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं और “ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्” मंत्र की 11 माला जपें। यह उपाय कर्ज मुक्ति, बाधा निवारण और घर में शुभ ऊर्जा के प्रवाह के लिए विशेष रूप से किया जाता है।
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14 दीपक जलाने की परंपरा - फोटो : freepik
14 दीपक जलाने की परंपरा
नरक चतुर्दशी की रात 14 दीपक जलाने की परंपरा है। इन दीपकों को यम दीपक के अलावा घर के मंदिर, रसोई, तुलसी के पास, मुख्य द्वार, छत और स्नानगृह में जलाना शुभ माना गया है। यह दीपदान पितरों की शांति और घर में समृद्धि बढ़ाने वाला माना जाता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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