Nag Panchami Rashi Anusar Upay: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। कुंडली में इनकी स्थिति कमजोर या प्रतिकूल होने पर व्यक्ति को मानसिक उलझन, अस्थिरता और जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। कई बार निर्णय लेने में परेशानी, काम में असफलता और नकारात्मक विचार भी बढ़ सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं में राहु-केतु से कालसर्प दोष का संबंध भी बताया गया है।
इस वर्ष 17 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। नाग पंचमी को नाग देवता और भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन शिव पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से राहु-केतु से संबंधित अशुभ प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है। आप अपनी राशि के अनुसार ये उपाय कर सकते हैं।
नाग पंचमी पर राहु-केतु शांति के लिए राशि अनुसार उपाय