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24 अक्टूबर से बुध की उल्टी चाल, रिश्तों से करियर तक इन राशियों को रहना होगा सावधान

Thu, 22 Oct 2026 10:42 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

24 अक्टूबर 2026 से बुध की उल्टी चाल शुरू होने जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कुछ राशियों को रिश्तों, करियर और बातचीत के मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जानें किन राशियों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
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Budh Vakri 2026 - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है। जब बुध अपनी चाल बदलते हैं, तो इसका ज्योतिषीय प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। 24 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर बुध वक्री होने जा रहे हैं और 13 नवंबर तक इस अवस्था में रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों को अपने कामकाज, आर्थिक फैसलों और निजी रिश्तों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध की वक्री चाल के दौरान बातचीत में गलतफहमी, कामकाज में देरी और योजनाओं में बदलाव जैसी स्थितियां बन सकती हैं। खासतौर पर वृषभ, मिथुन, सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत हो सकती है। आइए जानते हैं इन राशियों के लिए बुध का वक्री होना कैसा रह सकता है।
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ऑफिस में सहकर्मियों के साथ विचारों का टकराव हो सकता है। - फोटो : amar ujala
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों को बुध की वक्री चाल के दौरान अपने कामकाज और सेहत पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ विचारों का टकराव हो सकता है। कुछ मामलों में आपको अपनी बात दूसरों तक पहुंचाने में परेशानी महसूस हो सकती है। ऐसे में किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्वक समाधान निकालने की कोशिश करें। नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस की राजनीति से दूर रहना चाहिए और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बैंकिंग, मार्केटिंग, अकाउंटिंग और व्यापार से जुड़े लोगों को दस्तावेजों, लेन-देन और जरूरी ईमेल की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। छोटी-सी चूक भी काम में देरी का कारण बन सकती है। सेहत के मामले में भी लापरवाही से बचें। 
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गैरजरूरी खरीदारी से बचें और निवेश से पहले सभी पहलुओं की जांच करें। - फोटो : amar ujala
मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से बुध की चाल में बदलाव को इस राशि के लिए खास माना जाता है। इस अवधि में आपको अपने आर्थिक फैसलों और रोजमर्रा के कामों में अधिक सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है। अचानक कुछ अतिरिक्त खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है। इसलिए गैरजरूरी खरीदारी से बचें और निवेश से पहले सभी पहलुओं की जांच करें। केवल दूसरों की सलाह पर कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। कार्यस्थल पर किसी महत्वपूर्ण काम को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय उसकी दोबारा जांच करें। बातचीत के दौरान अपनी बात स्पष्ट रखें, क्योंकि छोटी-सी गलतफहमी भी परेशानी पैदा कर सकती है। अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का भी ध्यान रखें।

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किसी योजना में देरी या अपेक्षा के अनुसार परिणाम न मिलने से मन परेशान हो सकता है। - फोटो : amar ujala
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल के दौरान आर्थिक मामलों और रिश्तों में संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण हो सकता है। किसी योजना में देरी या अपेक्षा के अनुसार परिणाम न मिलने से मन परेशान हो सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। पैसों से जुड़े मामलों में बजट बनाकर चलें और किसी भी निवेश से पहले जोखिम को समझें। नौकरी करने वाले लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ बातचीत में संयम रखना चाहिए। छोटी बातों को प्रतिष्ठा का सवाल बनाने से कार्यस्थल का माहौल बिगड़ सकता है। निजी जीवन में भी गलतफहमियों की आशंका को देखते हुए अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखें। परिवार या करीबी लोगों के साथ मतभेद होने पर गुस्से में प्रतिक्रिया देने के बजाय बातचीत से समस्या सुलझाने की कोशिश करें।
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रिश्तों में किसी की बात का गलत अर्थ निकालने से बचें। - फोटो : amar ujala
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में अपने पेशेवर और साझेदारी से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। काम का दबाव बढ़ने या किसी योजना में देरी होने से तनाव महसूस हो सकता है। हालांकि, धैर्य और व्यवस्थित तरीके से काम करने पर परिस्थितियों को संभालने में मदद मिल सकती है। व्यापार करने वाले लोगों को साझेदारों के साथ लेन-देन, अनुबंध और जरूरी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी शर्तें ध्यान से पढ़ें। पुराने कानूनी या व्यावसायिक मामलों से जुड़े दस्तावेजों को भी व्यवस्थित रखना उपयोगी रहेगा। रिश्तों में किसी की बात का गलत अर्थ निकालने से बचें। दूसरों पर भरोसा करने के साथ-साथ जरूरी मामलों में तथ्यों की पुष्टि करना भी महत्वपूर्ण है। सेहत को लेकर परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज न करें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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