Budh ka Mithun Me Gochar: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। यह सूर्य के सबसे करीब होने के कारण अक्सर अस्त रहता है। बुध को हमारी वाणी, व्यापार, तर्कशक्ति, शेयर बाजार और गणित का स्वामी माना जाता है। जिसकी कुंडली में बुध मजबूत होता है, वह व्यक्ति बहुत बुद्धिमान, हाजिरजवाब और हर बात में तर्क करने में माहिर होता है। ऐसे लोग गणना और विश्लेषण में भी बहुत अच्छे होते हैं। वहीं, अगर बुध कमजोर हो, तो व्यक्ति को बोलने और समझने में दिक्कतें आ सकती हैं। कुल मिलाकर, बुध हमारी बुद्धि और संवाद क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
वर्तमान में बुध वृषभ राशि में शुक्र के प्रभाव में है, और 6 जून 2025 को यह अपनी स्वराशि मिथुन में गोचर करेगा, एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है। बता दें कि 6 जून 2025 से लेकर 22 जून 2025 की अवधि में बुध ग्रह अपनी राशि में रहेंगे। इस गोचर से सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। मिथुन, कन्या, तुला, कुंभ और धनु राशि के व्यापारियों को अच्छा मुनाफा, धन लाभ और अचानक आर्थिक उन्नति के योग बनेंगे। आइए जानते हैं प्रत्येक राशि पर इसका प्रभाव।