वैदिक ज्योतिष में बुध को "ग्रहों का राजकुमार" कहा जाता है। यह बुद्धि, वाणी, तर्क और व्यापार का कारक ग्रह है। फिलहाल बुध अपने मित्र ग्रह शुक्र की राशि तुला में हैं और वहीं शुक्र के साथ युति बना रहे हैं। अभी वे स्वाति नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, लेकिन 12 अक्टूबर को नक्षत्र बदलकर विशाखा में पहुंच जाएंगे। विशाखा के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए माना जा रहा है कि इस बदलाव का असर सभी 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक घटनाओं पर भी दिख सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस परिवर्तन से कुछ राशि के जातकों को खास फायदा मिलने के संकेत हैं। यह आकलन चंद्र राशि के आधार पर किया गया है।