अदम्य साहसी एवं पराक्रमी ग्रह पृथ्वी पुत्र मंगल 25 सितंबर की सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जहां ये पहले से ही विराजमान सूर्य, बुध और शुक्र के साथ युति करेंगे। इस प्रकार 10 नवंबर तक मंगल कन्या राशि में ही विचरण करते रहेंगे। मंगल का बुध के साथ समभाव संबंध है अतः इनका कन्या राशि में जाना मिलाजुला फल देगा। मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी होते हैं, कर्क राशि इनकी नीचसंज्ञक राशि कही गई है। कुंडली ज्योतिष में मंगल पराक्रम एवं नेतृत्व प्रधान क्षमता के प्रतीक माने गए हैं। शरीर में मंगल का रक्त कोशिकाओं एवं रक्त संचार से सीधा संबंध है, इसीलिए मंगल का राशि परिवर्तन हमेशा से ज्योतिष जगत के लिए जिज्ञासा का केंद्र बना रहता है। यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल शुभ प्रभाव में हैं या गोचर में इनकी अच्छी स्थिति है तो आपके जीवन में आने वाली परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी। यहां पर चतुर्ग्रही योग के कारण मंगल का सभी 12 राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
करियर, विवाह, मकान, धन, संतान, शिक्षा, नौकरी आदि से जुड़ी समस्याओं का समाधान, जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रुपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)