वैदिक ज्योतिष के अनुसार हर माह कोई न कोई ग्रह राशि बदलकर दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं। जब भी ग्रहों का राशि परिवर्तन होता है तब इसका प्रभाव सभी जातकों के जीवन पर पड़ता है। जून के माह में कई ग्रहों का राशि परिवर्तन हो चुका है और अब ग्रहों के सेनापति मंगल देव 27 जून को अपनी ही राशि मेष में गोचर करने जा रहे हैं। आपको बता दें मेष राशि में राहु ग्रह पहले से ही विराजमाम हैं। ऐसे में मंगल और राहु की युति बनने जा रही है। मंगल-राहु की यह युति अंगारक योग का निर्माण करती है। वैदिक ज्योतिष में इस अंगारक योग को शुभ नहीं माना जाता है। अंगारक योग के दौरान कई तरह परेशानियां और विपत्तियों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष में मंगल ग्रह को अग्नि तत्व का कारक माना गया है जबकि राहु ग्रह को अशुभ ग्रह माना गया है। अंगारक योग के बनने से कुछ राशि वालों की परेशानियां बढ़ सकती है।