ज्योतिष ग्रंथों में मंगल ग्रह को अति उत्साही, ऊर्जावान, साहसी, गोला, बम, बारूद तथा आग्नेयास्त्रों आदि का स्वामी माना जाता है। इनके प्रभाव से जातक डॉक्टर, इंजीनियर, फौजी तथा पुलिस विभाग के बड़े पदों पर आसीन रहता है। फलित ज्योतिष में पराक्रम और कर्म के कारक महान ग्रह मंगल दो माह चार दिन तक वक्री अवस्था में गोचर करने के बाद 14 नवंबर, शनिवार की सुबह 6 बजकर 04 मिनट पर मार्गी हो रहे हैं। इससे पहले ये 10 सितंबर की प्रातः 3 बजकर 48 मिनट पर वक्री हुए थे। मार्गी अवस्था में चलते हुए ये 24 दिसंबर की सुबह 10 बजकर 16 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे। इसलिए इनके मार्गी होने का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।