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Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या पर जरूर करें ये सरल उपाय, होगा धन और वैभव का आगमन

Mon, 17 Nov 2025 12:57 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष मास को अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की बाधाएं भी दूर होती हैं।
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मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 - फोटो : Amar Ujala
Margashirsha Amavasya 2025 Date: हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष मास को अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह महीना भगवान श्रीकृष्ण को विशेष रूप से प्रिय है। वहीं अमावस्या तिथि को पितरों की तृप्ति और दान-पुण्य के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की बाधाएं भी दूर होती हैं।

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मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 कब है?
पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में मार्गशीर्ष अमावस्या 20 नवंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी।
अमावस्या तिथि आरंभ: 19 नवंबर 2025, सुबह 9:43 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त: 20 नवंबर 2025, दोपहर 12:16 बजे
स्नान-दान का शुभ समय (सूर्योदय) 20 नवंबर 2025, सुबह 6:48 बजे
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इस दिन किए जाने वाले प्रमुख उपाय - फोटो : adobe stock
इस दिन किए जाने वाले प्रमुख उपाय
स्नान और सूर्य अर्घ्य

सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि नदी स्नान संभव न हो, तो घर पर नहाने के जल में गंगाजल मिलाएं। स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जाप करें।
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पितरों का तर्पण और पीपल पूजा - फोटो : adobe stock
पितरों का तर्पण और पीपल पूजा
पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध करें। शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर उसकी पांच या सात बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि ऐसा करने से पितृ दोष समाप्त होता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।

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भगवान विष्णु की आराधना - फोटो : adobe stock
भगवान विष्णु की आराधना
इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है। उनकी प्रतिमा या तस्वीर को पंचामृत से स्नान कराएं और उन्हें तुलसी दल, पीले पुष्प, चंदन व मिठाई अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र या विष्णु जी के 108 नामों का जाप करें। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है।
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मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व - फोटो : freepik
मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व
यह तिथि पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, आर्थिक प्रगति और सभी प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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