वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह एक निश्चित अंतराल राशि परिवर्तन करते हैं जिसकी वजह से कई तरह के शुभ और अशुभ दोनों ही तरह के योगों का निर्माण होता है। 01 जून को महान पराक्रमी ग्रह मंगल का राशि परिवर्तन मीन राशि से मेष राशि में हो गया है। मंगल के अपनी राशि मेष में आने पर पिछले कई दिनों से बना अंगारक योग अब खत्म हो चुका है। मंगल मेष राशि में 12 जुलाई तक विराजमान होंगे, फिर उसके बाद अपनी राशि बदलेंगे। आपको बता दें मंगल के मीन राशि में रहते हुए राहु के साथ युति करके अंगारक योग का निर्माण हुआ था। दरअसल राहु- मंगल की युति से अंगारक योग बनता है जिसे ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाता है। राहु मीन राशि में मौजूद हैं जिस कारण से मंगल के मीन राशि में रहते हुए अंगारक योग का निर्माण हुआ था। अंगारक योग के बनने के कारण कुछ राशि के जातकों क लिए बीता समय बहुत ही कष्टकारी रहा था।
अब 01 जून को मंगल का गोचर मीन राशि से मेष राशि में हुआ है जिस कारण से मंगल-राहु की युति बना अंगारक योग खत्म हो गया है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में मंगल और राहु दोनों ग्रह एक साथ एक ही राशि में होते हैं तो अंगारक योग बनता है। कुंडली में अंगारक योग बनने के कारण तरह-तरह की हानि उठाना पड़ता है। व्यक्ति की कुंडली में अंगारक योग बनने से जातकों का स्वभाव क्रोधी और हिंसक हो जाता है। 01 जून से मंगल के अपनी स्वयं की राशि में प्रवेश करने से अब कुछ राशियों की किस्मत बदल सकती है। आइए जानते है किन-किन राशि वालों को लाभ मिल सकता है।
Angarak Yog: बेहद खतरनाक है राहु मंगल से बना अंगारक योग, जानें सभी भावों पर इसका प्रभाव