7 अप्रैल को मंगल का राशि परिवर्तन होगा। मंगल ग्रह मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में आ जाएंगे जहां पर ये इस राशि में 17 मई तक रहेंगे। मेष और बृश्चिक राशि के स्वामी मंगल कर्क राशि में नीच के और मकर राशि में उच्च राशि के माने गए हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह का प्रभाव भूमि, युद्ध, साहस और पराक्रम से होता है। मंगल ग्रह को क्रूर ग्रह भी कहा जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह आगजनी और तनाव का कारण बनते हैं। मंगल के राशि परिवर्तन से इसका प्रभाव सभी जातकों पर पड़ता है कुछ पर शुभ तो कुछ पर अशुभ और कुछ के ऊपर मिलाजुला असर देखने को मिलेगा।