ग्रहण के समय ‘ऊं क्षीरपुत्राय विह्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चंद्रः प्रचोदयात्।’ इसमें मंत्र जाप से विशेष लाभ होता है। ग्रहण के समय तुलसी, शमी, वृक्ष आदि को नहीं छूना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। मान्यता है कि जब ग्रहण पड़ रहा हो, तो भोजन पकाना, सोना और सीना-पिरोना आदि कार्य भी अशुभ फल देते हैं, इसलिए इन कार्यों से भी बचना चाहिए।