Lord Vishnu Favourite Rashi: सृष्टि के रचयिता श्री हरि विष्णु की कृपा से जीवन में सुख और आनंद आता है। भगवान विष्णु की पूजा के लिए गुरुवार को एकादशी और चातुर्मास को महत्वपूर्ण माना जाता है। चातुर्मास वह अवधि है जब भगवान चार महीने तक योग निद्रा में रहते हैं। आज यानी देवउठनी एकादशी पर शश राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग का सुंदर संयोग बना। यह एक अत्यंत दुर्लभ योग है जिसमें देवउठनी एकादशी पर शनि अपनी मूलत्रिकोण राशि कुंभ में गोचर करते हुए शश राजयोग बना रहे हैं। 4 दिन बाद शनि भी इसी राशि में मार्गी हो जाएंगे। इस शुभ संयोग से भगवान विष्णु चातुर्मास की योग निद्रा से जागते हैं।
जो लोग नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन पर हमेशा नारायण की कृपा बनी रहती है। हालांकि, कुछ राशियां ऐसी भी हैं जिन पर भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है । आइए जानते हैं कौन सी है श्री हरि विष्णु की प्रिय राशियां।