वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि अब राशि परिवर्तन करने वाले हैं। शनि की मंद चाल से इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के ऊपर रहता है। शास्त्रों में शनि न्याय के कारक और कर्मफलदाता माना गया है। जिन जातकों की कुंडली में शनिदेव शुभ भाव में होते हैं उनके जीवन में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होती है, वहीं जिन लोगों की कुंडली में शनि अशुभ प्रभाव में होते हैं तरह-तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी होते हैं और तुला राशि में उच्च के होते हैं ऐसे में सभी 12 राशियों में तीन राशियां ऐसी होती हैं जिनके ऊपर शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है। आइए जानते हैं कौन-कौन हैं ये भाग्यशाली राशियां।