31 मई को कई ग्रहों को संयोग से विशेष और दुर्लभ योग बनने जा रहा है। बुद्धि और वाणी के कारक ग्रह बुधदेव 31 मई को मेष राशि की यात्रा को समाप्त करके शुक्र के स्वामित्व वाली राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को राजकुमार माना गया है। यह बुद्धि, तर्क, वाणी और व्यापार के कारक ग्रह होते हैं। बुध ग्रह 31 मई को वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही तीन प्रमुख ग्रह सूर्य, गुरु और शुक्र विराजमान होंगे। इस तरह से 31 मई को बुध के वृषभ राशि में गोचर करने से बुध, शुक्र, सूर्य और गुरु की युति होगी जिससे चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। इसके अलावा बुध-सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग और बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। इसी के साथ पहले से वृषभ राशि में शुक्र-गुरु की संयोग से गजलक्ष्मी राजयोग निर्माण हुआ है। चार प्रमुख ग्रहों के एक राशि में आ जाने की वजह से कई राशि के जातकों के जीवन में शुभ स्थिति बनेगी जिससे कई गुना फल की प्राप्ति होगी। आइए जानते हैं कौन-कौन सी राशियों को मिलेगा इस दुर्लभ संयोग का फायदा।