शुक्र एक शुभ ग्रह है जिसका मनुष्य के जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो व्यक्ति शुक्रवार के दिन जन्म लेता है, वह व्यक्ति हंसमुख, सुंदर वस्त्र आभूषण, सुंदर केश वाला, बधुप्रिय व कुशल होता है। श्वेत कमल पर विराजित होने वाले, श्वेत वर्ण वाले, दैत्यों के गुरु शुक्र २२ अक्टूबर से सूर्य की आभा के चलते अस्त हो जायेंगे। क्या आप जानते हैं कि शुक्र को सूर्य की आभा के आगे अस्त क्यों होना पड़ता है? पौराणिक मान्यता के अनुसार शुक्रदेव अपने बल से मरे हुए दानवों को जिन्दा करते थे और कभी यह अवृष्टि और कभी भय पैदा करते थे। इस कारण ये श्रापित हैं और ये जैसे ही पृथ्वी के निकट आते हैं, वैसे ही अस्त हो जाते हैं। आईये जानते हैं कि शुक्र अस्त के दोष को दूर करने के लिए 12 राशियां क्या करें उपाय —