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पितृपक्ष 2018 : जानें किन पापों के कारण लगता है पितृदोष

Sat, 22 Sep 2018 04:08 PM IST
-डॉ. विनय बजरंगी, ज्योतिषाचार्य व कर्म संशोधक
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pitra paksha
यदि कुंडली में पितृदोष हो तो किसी भी इंसान को तमाम तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है। इस दोष को दूर करने के लिए राशिवार उपाय को जानने से पहले आइए समझते हैं कि आखिर आपकी कुंडली में क्यों मौजूद है पितृदोष और क्या हैं उनके संकेत —
१- यदि घर में अकस्मात मृत्यु हो रही है, तो इसका कारण पित्तरों का श्राद्धवत तर्पण न होना होता है।
२- यदि वंशवृद्धि नहीं हो रही है, तो इसका कारण पित्तरों की विस्मृति होता है।
३- यदि भूमि की हानि हो रही है, तो इसका कारण पूर्वजों के द्वारा किये गए शुभ कामों की आपके द्वारा निंदा होती है।
४- यदि रोजगार में परेशानी आ रही है, तो यह धर्म विरुद्ध आचरण पितृ दोष की श्रेणी में आता है।
५- यदि मान-सम्मान में कमी हो रही है, तो यह गौ हत्या समरूप पितृदोष है।
६- यदि लगातार बीमार रहते हैं, तो यह नदी/कूपजल में मलमूत्र विसर्जन पितृदोष है|
७- यदि अपमान का सामना करना पड़ रहा है, तो यह अमावस्या संभोग पितृदोष का कारण है।
८- यदि घर में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं होती है, तो यह भ्रूण हत्या पितृदोष का कारण है।
इस साल 24 सितम्बर से पितृपक्ष आरंभ हो रहा है। इस दौरान अपनी राशि के अनुसार पितृदोष को दूर करने का उपाय जानने के लिए आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें —
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aries - फोटो : aries
मेष -
पितृदोष से मुक्ति के लिए आपको अपने पूजा के स्थान पर श्री हनुमान यंत्र की स्थापना करनी चाहिए तथा तंत्रोक्त हनुमान साधना करनी चाहिए। आपके लिए निम्न मंत्र कल्याण कारी रहेगा –
।।ॐ घण्टाकर्णों  महावीर  सर्व उपद्रव नाशन कुरु कुरु स्वाहा।।
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taurus - फोटो : taurus
वृषभ -
आपको द्वितीया के दिन अपने निवास स्थान पर पितृयज्ञ करना चाहिए और ध्यान रखें कि चूल्हा, चक्की, झाड़ू, ऊखल और जल रखने के स्थान पर कोई जीव हत्या न हो।

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gemini sign
मिथुन -
इस राशि के जातकों को पितृ दोष की समाप्ति के लिए तृतीया के दिन तर्पण करना चाहिए।
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cancer sign
कर्क -
आपको पितृपक्ष में प्रतिदिन शांति स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इस स्तोत्र को करते समय ध्यान रहे कि इसमें २७ श्लोक हैं। जिसमे से २२, २३, और २४वें श्लोकों का पाठ तीन बार होगा। पितृ बीसा का पाठ करने से से भी इस दोष से मुक्ति मिलेगी।
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leo - फोटो : leo
सिंह -
आपकी कुंडली में यदि पितृ दोष है, तो आपको शाबर मंत्र का जाप करना चाहिए। यह पितृ पक्ष के सभी दिनों में किया जाता है।
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virgo
कन्या राशि -
पितृ शांति के लिए आप सबको अद्भुत चमत्कारी श्रीमद्भागवत गीता के ११वें अध्याय का पाठ करना चाहिए। इस पाठ को करने से पहले लकड़ी के पट्टे पर सफेद कपड़ा बिछाएं और उस पर घी का दीपक जलाएं।

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libra
तुला-
इस राशि के जातक को पितृपक्ष के सभी दिनों में पीपल की पूजा करनी चाहिए। इस उपाय से उनकी कुंडली के पितृदोष का दुष्प्रभाव दूर हो जाता है।

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scorpio
वृश्चिक राशि-
वृश्चिक राशि के जातकों को पितृदोष दूर करने के लिए विशिष्ट तरीके से हनुमान बाहुक का ३२वां, ३३वां व ३८वां पद नियमित रूप से पढ़ना चाहिए।

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sagittarius
धनु राशि-
पितृ दोष का उन्मूलन आपकी कुंडली से तभी होगा जब आप हनुमान बाहुक घनाक्षरी का उपयोग पितृपक्ष के सभी दिन पूरे विधि-विधान से करेंगे।

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capricorn
मकर राशि -
यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है, तो आपको सवा मीटर सफेद कपड़ा लेना है। उसके एक कोने में दो रुपये का सिक्का और कुछ चुटकी चावल रखना है। इसके बाद कपड़े के बीच में एक नारियल रखकर, घर के पूजा के स्थान पर रखें और पितृपक्ष के सभी दिन इसकी पूजा करें।

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aquarius
कुंभ —
आपकी कुंडली में यदि पितृदोष है, तो आपको पितरों के लिए घर में दीपक-अगरबत्ती रोज जलानी चाहिए। साथ ही पितृपक्ष में हर दिन ॐ पितृय: नम: के २१ जाप करने चाहिए।
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मीन -
यदि आपकी कुंडली में पितृदोष है, तो पितृपक्ष के हर दिन तांबे के लोटे में जल लेकर उसमे श्वेतार्क के पुष्प मिलाकर उगते सूर्य को अघ्र्य दें।
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