इस वर्ष शनि के राशि परिवर्तन के बाद अब राहु और केतु का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। आपको बता दें कि राहु और केतु वक्री चाल से चलते हैं। आज हम आपको केतु ग्रह के राशि परिवर्तन और उसके प्रभाव के बारे में बताने जा रहे हैं। केतु ग्रह अभी तुला राशि में गोचर हैं और यह अक्तूबर माह में कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में शनि और राहु के प्रभाव जैसा है केतु का असर होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार केतु को कर्म प्रधान ग्रह माना जाता है। यह व्यक्तियों को अच्छे और बुरे दोनों ही तरह फल देता है। दरअसल केतु कुंडली के जिस स्थान पर रहता है उसी भाव के अनुसार ही फल प्रदान करता है। अक्तूबर में केतु के राशि परिवर्तन से कुछ राशि के जातकों के ऊपर इसका शुभ असर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं ये राशियां।