Ketu Nakshatra Gochar 2026: ज्योतिषियों के मुताबिक, 25 जनवरी 2026 को छाया ग्रह केतु पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश कर चुके हैं। उनका यह गोचर सुबह 7 बजकर 9 मिनट पर हो चुका है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दरअसल, केतु कर्म, आध्यात्मिक झुकाव व जीवन में अचानक होने वाले परिवर्तनों के प्रतीक माने जाते हैं। वहीं पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुक्र ग्रह के अधीन है, जो भौतिक-सुख और रचनात्मकता को दर्शाता है। ऐसे में केतु का इस नक्षत्र में गोचर 12 राशियों के सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर विशेष रूप से प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान कुछ राशियों को लाभ-उन्नति, तो कुछ की समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में आइए केतु नक्षत्र परिवर्तन का 12 राशियों पर प्रभाव जानते हैं।