मायावी ग्रह केतु 3 अक्तूबर 2026 की रात 9 बजकर 48 मिनट पर मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे। इस समय केतु सिंह राशि में ही स्थित रहेंगे। पंचांग गणना के अनुसार अभी केतु मघा नक्षत्र के दूसरे पद में हैं और 3 अक्तूबर की रात नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे।
वैदिक ज्योतिष में केतु को वैराग्य, रहस्य, आध्यात्मिकता, अलगाव और अचानक होने वाले परिवर्तनों से जोड़ा जाता है। वहीं मघा नक्षत्र का संबंध पितरों, पूर्वजों, परंपरा, प्रतिष्ठा और अधिकार से माना जाता है। मघा के स्वामी स्वयं केतु हैं। ऐसे में इसी नक्षत्र के प्रथम पद में केतु का प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। मघा का प्रथम पद मेष नवांश से संबंधित है, इसलिए इस दौरान ऊर्जा और प्रतिक्रियाशीलता बढ़ने की मान्यता है। इसका असर व्यक्ति के निर्णय, पारिवारिक विषयों और व्यवहार पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी रखनी चाहिए।