आपके शत्रु भाव में होंगे देवगुरु बृहस्पति
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आपके शत्रु भाव में आएंगे
गुरु का मकर राशि में गोचर सिंह लग्न या राशि के लिए छठे भाव में होने वाला है। कुंडली का छठा भाव पीड़ा या शत्रु स्थान के नाम से जाना जाता है। कुंडली का यह भाव कर्ज, शत्रु, चोर, शरीर में घाव और निशान, निराशा, दुःख, ज्वर, पैतृक रिश्ते, पाप कर्म, युद्ध और रोग आदि को दर्शाता है।