Guru Gochar: वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, नैतिकता, समृद्धि, न्याय और जीवन में विस्तार का कारक माना जाता है। नवग्रहों में उन्हें सबसे शुभ ग्रहों में स्थान प्राप्त है, जो व्यक्ति के भाग्य, शिक्षा, आध्यात्मिक उन्नति, आर्थिक विकास और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करते हैं। बृहस्पति का राशि परिवर्तन केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि मेदिनी ज्योतिष में इसका प्रभाव देश-दुनिया, अर्थव्यवस्था, राजनीति, मौसम और प्राकृतिक घटनाओं पर भी देखा जाता है। यही कारण है कि गुरु के प्रत्येक गोचर को विशेष महत्व दिया जाता है। 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं। कर्क राशि जल तत्व की राशि मानी जाती है और इसमें गुरु की स्थिति सामान्यतः शुभ फलदायी मानी जाती है। हालांकि इस बार बृहस्पति की अतिचारी यानी सामान्य से अधिक तेज चाल ने ज्योतिषियों का ध्यान आकर्षित किया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार गुरु आने वाले वर्षों में असामान्य गति से राशि परिवर्तन करेंगे, जिसके कारण वैश्विक स्तर पर कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मेदिनी ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की ऐसी चाल मौसम के चक्र, प्राकृतिक संतुलन, जलवायु परिवर्तन और जनजीवन पर व्यापक प्रभाव डालती है।
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