क्या है व्यतिपात योग और क्यों माना जाता है चुनौतीपूर्ण?
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क्या है व्यतिपात योग और क्यों माना जाता है चुनौतीपूर्ण?
वैदिक ज्योतिष में व्यतिपात योग को 27 प्रमुख योगों में एक विशेष और संवेदनशील योग माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य और चंद्रमा एक खास खगोलीय स्थिति में पहुंचते हैं, तब इस योग का निर्माण होता है। इसे सामान्यतः ऐसे समय के रूप में देखा जाता है जब व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यही कारण है कि इस अवधि में महत्वपूर्ण फैसले लेने, नए कार्य शुरू करने या बड़े निवेश करने से बचने की सलाह दी जाती है। वर्ष 2026 में व्यतिपात योग 10 जुलाई को सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। हालांकि इसकी अवधि सीमित है, लेकिन ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इसका प्रभाव पूरे दिन महसूस किया जा सकता है। इस दौरान मानसिक भ्रम, जल्दबाजी, गलत निर्णय और अनावश्यक विवादों की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए आर्थिक लेन-देन, यात्रा, निवेश और महत्वपूर्ण समझौतों में अतिरिक्त सावधानी बरतना लाभकारी माना जाता है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में राहु और केतु का प्रभाव अधिक होता है, उन्हें इस समय सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है।