Jadatva Yog: 22 अगस्त 2026 को ग्रहों की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। बुध ने सिंह राशि में प्रवेश किया है, जहां पहले से केतु मौजूद हैं। ऐसे में सिंह राशि में बुध और केतु की युति बन गई है, जिसे ज्योतिष की कुछ मान्यताओं में जड़त्व योग से जोड़ा जाता है। हालांकि, पारंपरिक ज्योतिष में इस योग की व्याख्या बुध-राहु की युति के संदर्भ में भी की जाती है। खास बात यह है कि सिंह राशि में इस समय सूर्य भी विराजमान हैं। इसलिए बुध-केतु की यह युति व्यक्ति की सोच और संवाद शैली के साथ-साथ करियर, निर्णय लेने की क्षमता, प्रतिष्ठा और अधिकार से जुड़े मामलों पर भी असर डाल सकती है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, संचार, व्यापार, लेखन और गणना का कारक माना जाता है, जबकि केतु का संबंध अचानक बदलाव, मानसिक उलझन, अलगाव और गहन चिंतन से जोड़ा जाता है। दोनों ग्रहों की युति के दौरान कई बार व्यक्ति के मन में विचारों की भरमार हो सकती है, लेकिन उन्हें स्पष्ट तरीके से व्यक्त करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जल्दबाजी में निर्णय लेने या किसी विषय पर जरूरत से ज्यादा सोचने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में कुछ राशियों के जातकों को इस अवधि में अपने फैसलों, बातचीत और कामकाज को लेकर विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।