bajrangi
हनुमान धारा, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में स्थित है हनुमाना धारा, जहां पूरे साल हनुमत भक्तों का तांता लगा रहता है। कहते हैं कि इसी स्थान पर पहली बार तुलसीदास जी को हनुमान जी के दर्शन हुए थे। यहां पहाड़ के सहारे हनुमान जी की एक विशाल मूर्ति स्थित है। जिनके ठीक सिर के पास दो जल के कुंड हैं, जिनमें हमेशा ही जल की धारा बहती रहती है। हनुमानजी को स्पर्श करते हुई जलधार को हनुमान धारा कहते हैं। मान्यता है कि जब लंका दहन करके हनुमान जी वापस चित्रकूट लौटे तो उनकी पूंछ में हो रही पीड़ा को शांत करने के लिए प्रभु श्रीराम ने अपने बाण के प्रहार से इस पवित्र जलधारा निकाली थी, जो आज तक उन्हें शीतलता प्रदान कर रही है।