देवताओं के गुरु बृहस्पति 11 अगस्त को वक्री से मार्गी होंगे। गुरु लगभग 13 महीने तक एक राशि में रहते हैं। गुरु के वृश्चिक राशि में मार्गी होने से वह सीधी और सही दिशा में चलेंगे जिसके कारण व्यक्ति ज्ञान व धन में इसका सीधा असर रहेगा। किसी ग्रह के वक्री होने का मतलब पीछे की तरफ चलना और मार्गी का अर्थ आगे की तरफ चलना। ऐसे में गुरु का
वृश्चिक राशि में मार्गी होना किस राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा और किसके लिए अशुभ। आइए जानते हैं।
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