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Guru Mahadasha: गुरु महादशा में इन राशियों के जीवन में आती है सफलता, होती है अपार धन की प्राप्ति

Fri, 12 Dec 2025 03:25 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Guru Mahadasha: गुरु महादशा का वैदिक ज्योतिष में महत्व: 16 वर्षों तक जीवन में शिक्षा, धन, प्रतिष्ठा, परिवार और मानसिक संतुलन में सकारात्मक प्रभाव। जानें गुरु ग्रह की स्थिति और शुभ फल।
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गुरु की महादशा - फोटो : amar ujala
Effects Of Guru Mahadasha: वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह को देवताओं का शिक्षक माना जाता है। इसे ज्ञान, शिक्षा, संतान, बड़े भाई, धार्मिक कार्य, पवित्र स्थलों, दान, पुण्य और धन वृद्धि का कारक माना जाता है। गुरु ग्रह का प्रभाव जीवन के कई क्षेत्रों में देखने को मिलता है, जैसे शिक्षा, करियर, पारिवारिक जीवन और धार्मिक कार्य। मकर राशि में गुरु ग्रह की स्थिति विशेष महत्व रखती है क्योंकि इस राशि में गुरु ग्रह नीच और उच्च दोनों प्रकार से अपनी शक्ति दिखा सकते हैं। जन्मकालीन राशि के अनुसार गुरु ग्रह का गोचर दूसरे, पांचवें, सातवें, नौवें और ग्यारहवें भाव में शुभ फल देने वाला माना जाता है।
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गुरु महादशा व्यक्ति के जीवन में लगभग 16 वर्षों तक प्रभाव डालती है। इस समय के दौरान जीवन में धन, पद, प्रतिष्ठा और समृद्धि के अवसर बढ़ सकते हैं। गुरु महादशा का असर केवल आर्थिक और पेशेवर जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक संतुलन, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इस अवधि में सही दिशा और प्रयास के साथ बड़े से बड़े काम आसानी से पूरे किए जा सकते हैं।
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अगर कुंडली में गुरु बृहस्पति अशुभ हो - फोटो : Adobe Stock
अगर कुंडली में गुरु बृहस्पति अशुभ हो
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु (बृहस्पति) ग्रह अशुभ स्थिति में हो, तो इसके कई प्रभाव सामने आ सकते हैं। ऐसे व्यक्ति का वैवाहिक जीवन सामान्यतः अच्छा नहीं रहता और विवाह में देरी हो सकती है। मन पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों में नहीं लगता, और कभी-कभी व्यक्ति नास्तिक प्रवृत्ति का भी हो सकता है। निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होती है, जिससे जीवन में सही दिशा चुनना मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य के मामले में, अशुभ गुरु पेट और पाचन से संबंधित समस्याएँ दे सकता है, जैसे अपच, पेट दर्द, एसिडिटी, कमजोर पाचन तंत्र, और गंभीर मामलों में कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। कुल मिलाकर, गुरु ग्रह की अशुभ स्थिति व्यक्ति के जीवन में विवाह, स्वास्थ्य, मानसिक शांति और निर्णय क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
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अगर कुंडली में गुरु बृहस्पति सकारात्मक हो स्थित - फोटो : adobe stock
अगर कुंडली में गुरु बृहस्पति सकारात्मक हो स्थित
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु (बृहस्पति) ग्रह सकारात्मक स्थिति में हो, तो यह उसके जीवन में कई तरह के शुभ प्रभाव लाता है। सबसे पहले, कार्यक्षेत्र में व्यक्ति को अच्छा लाभ और सफलता प्राप्त होती है। वह अपने काम में कुशल और बुद्धिमान होता है, और जटिल या गूढ़ विषयों को भी आसानी से समझ सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे व्यक्ति की स्थिति मजबूत रहती है; वह पढ़ाई-लिखाई में अव्वल रहता है और ज्ञान के प्रति उसकी रुचि गहरी होती है। धन-संपत्ति के मामले में भी जीवन में वृद्धि होती है, और उसका आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है। सकारात्मक गुरु का प्रभाव व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है। समाज में उसकी प्रतिष्ठा बढ़ती है, लोग उसका सम्मान करते हैं और उसे वैभव और मान-सम्मान प्राप्त होता है। वह आशावादी और सकारात्मक सोच वाला होता है और भगवान में आस्था रखता है। इसके अतिरिक्त, यदि ग्रह की स्थिति अनुकूल हो, तो व्यक्ति को संतान की प्राप्ति भी होती है। कुल मिलाकर, गुरु ग्रह की सकारात्मक स्थिति व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, सफलता, आर्थिक लाभ, सामाजिक प्रतिष्ठा, आध्यात्मिक विश्वास और संतानों की प्राप्ति जैसे कई क्षेत्रों में सौभाग्य और खुशियाँ लेकर आती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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