Guru Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सबसे शुभ ग्रह माना जाता है, जो ज्ञान, धर्म, भाग्य और संतान के कारक ग्रह हैं। जब भी देव गुरु राशि परिवर्तन करते हैं, तो उसका प्रभाव न केवल व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, बल्कि देश-दुनिया से लेकर अर्थव्यवस्था-मौसम तक भी इसका असर देखने को मिलता है। वर्तमान में वह मिथुन में विराजमान है। अब वह 2 जून 2026 को सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। खास बात यह है कि, कर्क राशि में गुरु उच्च अवस्था में रहेंगे, इसलिए यह गोचर बेहद प्रभावशाली रहने वाला है। लेकिन, इस बार गुरु अतिचारी गति से कर्क में गोचर कर रहे हैं, जिस वजह से इसके परिणाम तेजी से सामने आ सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुरु का अतिचारी होना अशुभ होता है, जो अचानक बड़े बदलावों का संकेत है। वहीं कुछ क्षेत्रों में यह सकारात्मक प्रगति और नए अवसरों का द्वार भी खोल सकता है। जानिए गुरु के कर्क राशि में गोचर का राशियों से लेकर देश-दुनिया पर प्रभाव।