Guru Asta Ka Rashiyon Par Prabhav: देवगुरु बृहस्पति इस समय कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र से गोचर कर रहे हैं, लेकिन अब सूर्य देव के भी कर्क राशि में प्रवेश करने से दोनों ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीबी अंश में आने वाले हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इसी वजह से 14 जुलाई से 12 अगस्त तक गुरु ग्रह अस्त अवस्था में चले जाएंगे। खास बात यह है कि ठीक इसी दौरान चतुर्मास भी शुरू हो जाएगा, जिसके चलते 15 जुलाई से विवाह, मुंडन, जनेऊ संस्कार जैसे तमाम मांगलिक और शुभ कार्यों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा। शास्त्रों में गुरु को ज्ञान, समृद्धि और शुभता का कारक माना गया है, इसलिए जब यह ग्रह अस्त होता है, तो इसका शुभ प्रभाव स्वाभाविक रूप से कमजोर पड़ जाता है। नतीजतन, जिन राशियों को अब तक गुरु की अनुकूल स्थिति से लाभ मिल रहा था, उन्हें अब कुछ हद तक परेशानियों और रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि गुरु के अस्त होने का सबसे ज्यादा असर किन राशियों पर पड़ने वाला है।
Shukra Gochar 2026: 29 जुलाई से इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, प्रेम-धन और करियर में मिलेगा बंपर लाभ