वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और राशि परिवर्तन का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा दो ग्रहों की किसी एक राशि में युति का भी विशेष प्रभाव सभी राशियों के जातकों के ऊपर रहता है। जब भी कोई ग्रह अपनी राशि बदलते हैं या फिर किसी एक राशि में युति करते हैं तो इसका व्यापक प्रभाव व्यक्तियों के जीवन पर पड़ता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक नियमित अंतराल पर दो या दो से ज्यादा ग्रह किसी एक राशि में मिलकर दुर्लभ संयोग का निर्माण करते हैं। कुछ ऐसा ही दुर्लभ संयोग बना है। 12 साल के बाद गुरु-सूर्य की युति मेष राशि में बन रही है। सूर्य-गुरु की युति का असर वैसे तो सभी 12 राशियों के ऊपर पड़ेगा लेकिन सूर्य-गुरु की युति का सबसे अच्छा और शुभ परिणाम 3 राशि वालों के ऊपर पड़ने वाला है।
सूर्य-गुरु की युति से इन 3 राशियों को होगा फायदा
कर्क राशि
जिन जातकों की राशि कर्क है उनके लिए सूर्य-गुरु की युति बहुत ही शुभ साबित हो रही है। इन राशि के लोगों को अब लगभग सभी कार्यों में अच्छी सफलता मिलने के योग हैं। भाग्य का अच्छा साथ मिलने के कारण नौकरी और व्ययवास में अच्छी तरक्की के संकेत हैं। करियर के मामले में आप अच्छी ऊंचाईयों को हासिल करेंगे। नौकरी पेशा जातकों की आर्थिक स्थिति में पहले के मुकाबले अच्छा इजाफा देखने को मिलेगा और प्रमोशन मिलने के योग हैं। धन का आगमन पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ सकता है।
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- फोटो : अमर उजाला
धनु राशि
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धनु राशि के जातकों के लिए कुंडली के पांचवें भाव में गुरु-सूर्य की युति होने से बहुत ही फायदे का योग है। जिन कार्यों को करने में आपको बाधाओं का सामना करना पड़ रहा था अब उसमें आसानी से विजय हासिल कर सकते हैं। आपको संतान की तरफ को कोई खुशखबरी मिल सकती है। पैतृक संपत्ति की बिक्री से आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। नए-नए स्त्रोतों से धन लाभ की संभावना है।
मकर
मकर राशि के जातकों के लिए गुरु-सूर्य की युति आपकी कुंडली के चौथ भाव में हो रही है। आपके लिए यह शुभ संकेत हैं। आपकी भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि के संकेत हैं। इस दौरान आप अपने घर लग्जरी चीजों की खरीदारी कर सकते हैं। आपको मेहनत का पूरा लाभ आपको मिलेगा। धन लाभ के बेहतर मौके आपको मिलेंगे।