वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का विशेष महत्व है। ग्रह समय-समय पर एक से दूसरी राशि में परिवर्तन करते रहते हैं जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों के ऊपर पड़ता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष और अगले वर्ष तीन प्रमुख ग्रह शनि, बृहस्पति और राहु-केतु की चाल में बदलाव का विशेष प्रभाव खास राशियों के ऊपर पड़ेगा जिससे राजयोग के समान फल देने वाला होगा। आइए जानते हैं ये ग्रह कब-कब अपनी राशि परिवर्तन करेंगे और किन राशियों के ऊपर राजयोग के बराबर फल मिलेगा।
वर्ष 2026 और 2027 में शनि, गुरु और राहु-केतु की स्थिति
शनि- ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर 29 मार्च 2025 से लेकर 3 जून 2027 तक शनि मीन राशि में रहेंगे फिर इसके बाद मेष राशि गोचर करेंगे।
बृहस्पति- देवगुरु बृहस्पति इस साल से अतिचारी अवस्था में हैं और ये आने वाले कई वर्षों तक अतिचारी अवस्था में ही हैं। देवगुरु बृहस्पति 18 मई 2025 से मिथुन राशि में, फिर 2 जून 2026 को कर्क राशि में और 30 अक्तूबर 2026 से गुरु सिंह राशि में गोचर करेंगे।
राहु-केतु - राहु इस साल के अक्तूबर तक कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे।