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पवित्र यात्रा के दौरान ही क्यों होती है सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं, ज्योतिष में बताए गए हैं 7 कारण

Tue, 17 Jul 2018 01:11 PM IST
ज्योतिष डेस्क,अमर उजाला
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अक्सर खबरों में सुनने और पढ़ने को मिलता है कि किसी पवित्र धाम के दर्शन करने जा रहे या वापस आ रहे लोगों का वाहन रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गया। जिसकी वजह से कई लोगों की मौतें हो जाती है। क्या आपने कभी गौर किया है अक्सर ऐसी दुर्घटनाएं पवित्र धाम के दर्शन करने के दौरान ही क्यों होती है। इसके पीछे कही न कही आपने पूजा और संकल्प लेते समय कोई बड़ी भूल कर दी होगी। ज्योतिष में इसका कारण बताया गया है। इसलिए पवित्र धाम की यात्रा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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संकल्प लेने में कमी
किसी भी तीर्थ यात्रा पर निकलते समय सबसे पहले जिस पवित्र धाम के दर्शन करने के लिए आप जाने वाले हैं उसके पहले आप संकल्प करें कि भगवान हमारी यात्रा को सफल बनाएं और रास्ते में आने वाली तमाम तरह की बाधाओं को दूर करने में हमारी मदद करें। संकल्प ना लेने की वजह से ही अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं। 
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अपने कुलदेवी-देवता की पूजा ना करना
 किसी यात्रा पर जाने से पहले परिवार के सभी सदस्यों को अपने कुलदेवी-देवता की पूजा जरूर करनी चाहिए। बिना कुल देवी-देवता की पूजा किए यात्रा पर नहीं निकलना चाहिए।

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अधूरी पूजा
कभी भी किसी तीर्थयात्रा के दौरान अधूरी पूजा नहीं करनी चाहिए। अधूरी पूजा से हादसे का शिकार होने की संभावना अधिक रहती है। पूरी पूजा करने के बाद ही यात्रा से लौटे।

 
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वाहन की पूजा
यात्रा पर निकलने से पहले आप जिस गाड़ी से यात्रा करने जा रहे हैं इसकी पूजा जरूर करना चाहिए। घर से निकलने से पहले नीबू को गाड़ी की पहियों के नीचे रखकर ही उस गाड़ी से यात्रा करें। ऐसा करने से आपकी यात्रा में कोई रुकावट नहीं आएगी।
 
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गलत चीजों का सेवन करने से बचें
तीर्थ यात्रा के दौरान मांस और मंदिरा का सेवन करने से बचें। इन वर्जित चीजों को सेवन करने दुर्घटना का शिकार होने का अंदेशा हमेशा बना रहता है।

 
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ना करें किसी भिखारी का अपमान
भगवान के दर्शन करने के बाद भिखारियों का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्हें दान और दक्षिणा जरूर देना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि भगवान भिखारियों के रुप में अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए आते हैं।
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सूतक का रखें ध्यान
तीर्थयात्रा पर जाने से पहले सूतक का ध्यान जरूर रखना चाहिए। परिवार में किसी बच्चे का जन्म अथवा किसी सदस्य की मृत्यु होने पर सूतक लग जाता है। ऐसे में अपनी यात्रा को टाल देना चाहिए।
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