वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। दोनों ग्रह लगभग डेढ़ साल में राशि परिवर्तन करते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इनकी चाल व्यक्ति के जीवन में अचानक बदलाव, महत्वाकांक्षा, भ्रम, दुविधा, आध्यात्मिक झुकाव और अलगाव जैसी स्थितियां पैदा कर सकती है। दिसंबर 2026 में राहु-केतु का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। इस बदलाव का असर आर्थिक स्थिति, करियर, कारोबार, रिश्तों, मानसिक स्थिति और सोच-विचार सहित जीवन के कई क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव हर व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग माना जाता है।