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दिसंबर 2026 में राहु-केतु का गोचर, जानें कैसे करियर, धन और रिश्तों में आ सकता है बदलाव

Thu, 01 Oct 2026 11:03 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

दिसंबर 2026 में राहु-केतु के गोचर को वैदिक ज्योतिष में महत्वपूर्ण खगोलीय बदलाव माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन दोनों ग्रहों की चाल बदलने से कुछ राशियों के करियर, धन, रिश्तों और जीवन के अन्य क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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राहु केतु गोचर - फोटो : amar ujala
वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। दोनों ग्रह लगभग डेढ़ साल में राशि परिवर्तन करते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इनकी चाल व्यक्ति के जीवन में अचानक बदलाव, महत्वाकांक्षा, भ्रम, दुविधा, आध्यात्मिक झुकाव और अलगाव जैसी स्थितियां पैदा कर सकती है। दिसंबर 2026 में राहु-केतु का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। इस बदलाव का असर आर्थिक स्थिति, करियर, कारोबार, रिश्तों, मानसिक स्थिति और सोच-विचार सहित जीवन के कई क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव हर व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग माना जाता है।

 

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5 दिसंबर को होगा राहु-केतु का गोचर - फोटो : amar ujala

5 दिसंबर को होगा राहु-केतु का गोचर
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 5 दिसंबर 2026 को राहु और केतु राशि परिवर्तन करेंगे। इस दौरान राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में जाएंगे। दोनों ग्रह करीब 18 महीने तक अपनी नई राशियों में रहने वाले हैं। इस अवधि को ज्योतिषीय दृष्टि से लंबा और महत्वपूर्ण गोचर माना जा रहा है। राहु और केतु की यह स्थिति लगभग 24 जून 2028 तक रहने की बात कही गई है।

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राहु के गोचर के दौरान करियर और पेशेवर जीवन से जुड़े विषय विशेष रूप से सक्रिय हो सकते हैं। - फोटो : AI

राहु का गोचर क्या बदलाव ला सकता है?

  • राहु को ज्योतिष में महत्वाकांक्षा, भौतिक इच्छाओं, अचानक घटनाओं और नई संभावनाओं से जोड़ा जाता है।
  • मकर राशि में राहु के गोचर के दौरान करियर और पेशेवर जीवन से जुड़े विषय विशेष रूप से सक्रिय हो सकते हैं।
  • इस दौरान कुछ लोगों में अपने करियर को तेजी से आगे बढ़ाने की इच्छा बढ़ सकती है।
  • नौकरी में बदलाव, नई जिम्मेदारी, कारोबार के विस्तार या किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं।
  • राहु विदेशी संपर्क, तकनीक और नए तरीके से काम करने की प्रवृत्ति को भी बढ़ाने वाला माना जाता है।
  • ऐसे में ऑनलाइन काम, डिजिटल क्षेत्र या विदेश से जुड़े अवसरों में रुचि बढ़ सकती है।
  • राहु के प्रभाव में भ्रम और जल्दबाजी की स्थिति भी बन सकती है।
  • करियर या आर्थिक मामलों में बिना पूरी जानकारी के फैसला लेने से बचना उचित रहेगा।

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आर्थिक स्थिति पर राहु का प्रभाव - फोटो : Money Spent
आर्थिक स्थिति पर राहु का प्रभाव
  • राहु को अचानक लाभ और अप्रत्याशित आर्थिक घटनाओं से भी जोड़ा जाता है।
  • गोचर के दौरान आय के नए साधन तलाशने की इच्छा बढ़ सकती है और कुछ लोगों को अतिरिक्त कमाई के अवसर मिल सकते हैं।
  • दूसरी ओर, जल्दी पैसा कमाने की चाहत जोखिम भरे फैसलों की ओर भी ले जा सकती है।
  • निवेश, प्रॉपर्टी या बड़े वित्तीय सौदों में सावधानी बरतना जरूरी माना जाएगा।
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केतु को वैराग्य, आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और अलगाव का कारक माना जाता है। - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
केतु का गोचर क्या असर डाल सकता है?
  • केतु को वैराग्य, आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और अलगाव का कारक माना जाता है।
  • कर्क राशि में केतु का गोचर परिवार, भावनात्मक जुड़ाव और घरेलू जीवन से संबंधित विषयों पर प्रभाव डाल सकता है।
  • व्यक्ति अपनी प्राथमिकताओं को लेकर अधिक गंभीर हो सकता है।
  • कुछ लोग पुराने मामलों या रिश्तों से दूरी बनाकर अपनी मानसिक शांति पर ध्यान देना पसंद कर सकते हैं।
  • केतु के प्रभाव से धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ने की भी ज्योतिषीय मान्यता है।
  • ध्यान, योग, पूजा-पाठ और आत्ममंथन की ओर झुकाव बढ़ सकता है।
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परिवार के साथ बातचीत में स्पष्टता रखने से गलतफहमियों को कम करने में मदद मिल सकती है। - फोटो : AI

परिवार और रिश्तों में आ सकता है बदलाव

  • केतु के प्रभाव के कारण व्यक्ति भावनात्मक रूप से कुछ परिस्थितियों से दूरी महसूस कर सकता है।
  • वहीं राहु की बढ़ती महत्वाकांक्षा व्यक्ति को काम और उपलब्धियों पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रेरित कर सकती है।
  • ऐसे में निजी जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
  • परिवार के साथ बातचीत में स्पष्टता रखने से गलतफहमियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
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राहु और केतु को मनोवैज्ञानिक स्तर पर अलग-अलग प्रवृत्तियों से जोड़कर देखा जाता है। - फोटो : AI
मानसिक स्थिति और सोच पर प्रभाव
  • राहु और केतु को मनोवैज्ञानिक स्तर पर अलग-अलग प्रवृत्तियों से जोड़कर देखा जाता है।
  • राहु इच्छाओं और महत्वाकांक्षाओं को बढ़ाने वाला माना जाता है, जबकि केतु व्यक्ति को उन्हीं इच्छाओं से पीछे हटकर आत्ममंथन की ओर ले जा सकता है।
  • इस वजह से गोचर की अवधि में व्यक्ति अपनी प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर नए सिरे से विचार कर सकता है।
  • कुछ मामलों में असमंजस की स्थिति बन सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण फैसले सोच-विचार के बाद लेना बेहतर रहेगा।

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नौकरीपेशा लोगों के सामने नई जिम्मेदारियां या काम के नए विकल्प आ सकते हैं। - फोटो : freepik
करियर और कारोबार में नए अवसर
  • राहु का गोचर करियर के क्षेत्र में नई दिशा तलाशने की इच्छा पैदा कर सकता है।
  • नौकरीपेशा लोगों के सामने नई जिम्मेदारियां या काम के नए विकल्प आ सकते हैं।
  • कारोबारी वर्ग भी विस्तार या नए काम की योजना बना सकता है।
  • हालांकि हर अवसर लाभ में बदले, यह जरूरी नहीं है।
  • किसी भी नई योजना में आगे बढ़ने से पहले उसकी आर्थिक और व्यावहारिक स्थिति को समझना जरूरी होगा।
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राहु-केतु का गोचर क्यों माना जा रहा है महत्वपूर्ण? - फोटो : amar ujala

राहु-केतु का गोचर क्यों माना जा रहा है महत्वपूर्ण?
राहु और केतु एक-दूसरे के विपरीत रहते हैं, इसलिए इनके राशि परिवर्तन को जीवन के अलग-अलग पहलुओं के बीच संतुलन से जोड़कर देखा जाता है। एक ओर राहु भौतिक उपलब्धियों और महत्वाकांक्षा की तरफ आकर्षित कर सकता है, वहीं केतु व्यक्ति को भीतर की ओर देखने और गैर-जरूरी चीजों से दूरी बनाने की प्रेरणा दे सकता है। इसलिए दिसंबर 2026 से शुरू होने वाली यह अवधि कई लोगों के लिए अपनी प्राथमिकताओं, करियर, आर्थिक योजनाओं और रिश्तों को नए नजरिए से देखने का समय हो सकती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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