मुहूर्त चिंतामणि में पंचक के नियम
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मुहूर्त चिंतामणि में पंचक के नियम
प्राचीन ज्योतिष ग्रंथ मुहूर्त चिंतामणि में पंचक काल के दौरान पांच प्रकार के कार्यों को वर्जित बताया गया है। इसका उल्लेख इस श्लोक में मिलता है:
"अग्नि-चौरभयं रोगो राजपीडा धनक्षतिः। संग्रहे तृण-काष्ठानां कृते वस्वादि-पंचके।।"
इस श्लोक के अनुसार, पंचक काल में निम्नलिखित कार्य अशुभ माने गए हैं:
- लकड़ी इकट्ठा करना
- पलंग खरीदना या बनवाना
- घर की छत का निर्माण करवाना
- दक्षिण दिशा की यात्रा करना
मान्यता है कि इन नियमों की अनदेखी करने पर अग्नि भय, चोरी, रोग, राजकीय समस्या और धन हानि जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।