फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chor Panchak 2026: कब से कब तक रहेगा चोर पंचक? इन गलतियों से बढ़ सकता है आर्थिक नुकसान

Mon, 20 Jul 2026 02:18 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार से शुरू होने वाले पंचक को "चोर पंचक" कहा जाता है, जो 31 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस दौरान यात्रा, बड़े लेन-देन और नए कार्यों की शुरुआत में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
विज्ञापन
1 of 6
चोर पंचक - फोटो : amar ujala

ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल को विशेष सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है, और जब यह पंचक शुक्रवार के दिन से शुरू होता है, तो इसे "चोर पंचक" कहा जाता है। पंचांग गणना के अनुसार, अगस्त 2026 में यह चोर पंचक 31 जुलाई से 4 अगस्त तक रहने वाला है। इस दौरान कुछ खास कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, खासकर वे जो धन और यात्रा से जुड़े हों। पंचांग में पंचक की गणना सप्ताह के दिन के आधार पर की जाती है। जिस दिन से पंचक शुरू होता है, उसी के अनुसार उसका नाम और स्वभाव तय होता है। शुक्रवार से आरंभ होने वाला पंचक "चोर पंचक" कहलाता है, और मान्यता है कि यह अन्य पंचकों की तुलना में अधिक सतर्कता की मांग करता है।

विज्ञापन

2 of 6
मुहूर्त चिंतामणि में पंचक के नियम - फोटो : freepik

मुहूर्त चिंतामणि में पंचक के नियम
प्राचीन ज्योतिष ग्रंथ मुहूर्त चिंतामणि में पंचक काल के दौरान पांच प्रकार के कार्यों को वर्जित बताया गया है। इसका उल्लेख इस श्लोक में मिलता है:

"अग्नि-चौरभयं रोगो राजपीडा धनक्षतिः। संग्रहे तृण-काष्ठानां कृते वस्वादि-पंचके।।"

इस श्लोक के अनुसार, पंचक काल में निम्नलिखित कार्य अशुभ माने गए हैं:

  • लकड़ी इकट्ठा करना
  • पलंग खरीदना या बनवाना
  • घर की छत का निर्माण करवाना
  • दक्षिण दिशा की यात्रा करना
मान्यता है कि इन नियमों की अनदेखी करने पर अग्नि भय, चोरी, रोग, राजकीय समस्या और धन हानि जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
विज्ञापन

3 of 6
चोर पंचक को क्यों माना जाता है ज्यादा संवेदनशील - फोटो : adobe stock

चोर पंचक को क्यों माना जाता है ज्यादा संवेदनशील
चोर पंचक की अवधि में शुरू किए गए कार्यों में अपेक्षित सफलता मिलने में बाधाएं आ सकती हैं, और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए इस दौरान यात्रा, महत्वपूर्ण लेन-देन और नए कार्यों की शुरुआत में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में चोरी, धन हानि, सामान खोने, दस्तावेजों के गुम होने या आर्थिक नुकसान जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं। यही वजह है कि कई लोग इस समय बड़े वित्तीय या व्यावसायिक फैसले लेने से बचना पसंद करते हैं।

4 of 6
चोर पंचक में धन से जुड़े ये काम टालें - फोटो : amar ujala

चोर पंचक में धन से जुड़े ये काम टालें
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चोर पंचक के दौरान निम्न कार्यों से परहेज करना बेहतर माना जाता है:

  • लंबी दूरी की यात्रा करना
  • बड़ी धनराशि का लेन-देन करना
  • सोना-चांदी, आभूषण या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदना
  • नए व्यापार या व्यवसाय की शुरुआत करना
  • कीमती सामान को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करना
विज्ञापन

5 of 6
पंचक काल में तुलसी पूजा का महत्व - फोटो : Adobe Stock
पंचक काल में तुलसी पूजा का महत्व
पंचक के दौरान तुलसी में जल अर्पित करने पर कोई रोक नहीं मानी जाती। इस अवधि में भी श्रद्धापूर्वक प्रतिदिन तुलसी की पूजा और जल अर्पण किया जा सकता है। हालांकि, एकादशी और रविवार के दिन तुलसी में जल न चढ़ाने की परंपरा है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दोनों दिनों में मां तुलसी भगवान विष्णु की आराधना और व्रत में लीन रहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
धन वृद्धि के लिए तुलसी का उपाय - फोटो : adobe stock

धन वृद्धि के लिए तुलसी का उपाय
जो लोग धन-संपत्ति में वृद्धि की कामना रखते हैं, उनके लिए एक पारंपरिक उपाय बताया जाता है:

  • पंचक के शुक्रवार को तुलसी की सूखी मंजरी लें
  • इसे एक स्वच्छ लाल कपड़े में बांधकर एक छोटी पोटली बना लें
  • भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए मंत्र का जाप करें- "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः"
  • जाप के बाद इस पोटली को अपनी तिजोरी, धन रखने के स्थान या अलमारी में रखें
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें