Chandra Grahan Dosh: जन्मकुंडली में ग्रहण योग होने पर यह हर कार्य में बाधा उत्पन्न करता है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष और लाल किताब में बताए गए कुछ प्रमुख उपाय आजमाए जा सकते हैं। इससे चंद्र ग्रहण योग से मुक्ति मिलती है।
Chandra Grahan Dosh In Kundali: कुंडली में चंद्र ग्रहण दोष व्यक्ति के मानसिक तनाव, करियर और पारिवारिक जीवन पर बुरा असर डाल सकता है, ऐसे में इसके उपाय जानना बेहद जरूरी हो जाता है। आपकी जन्मकुंडली में यदि ग्रहण योग है तो यह हर कार्य में बाधा उत्पन्न करेंगा। इस योग के ज्योतिष और लाल किताब के अनुसार 5 प्रमुख उपाय आजमाएं और चंद्र ग्रहण योग का हटाएं।
यदि चंद्रमा पाप ग्रह राहु या केतु के साथ बैठे हों या दोनों में से किसी एक की चंद्रमा पर दृष्टि हो तो चन्द्र ग्रहण दोष बनता है।
यदि राहु चतुर्थ भाव में है तब भी यह दोष माना जाएगा। फिर भले ही चंद्रमा किसी भी भाव में बैठा हो।
यदि चंद्रमा की युति राहु के साथ छठे भाव में या अष्टम भाव में है तो यह और भी ज्यादा गंभीर स्थिति मानी जाएगी।
सरल शब्दों में कहें तो जब मन का कारक चंद्रमा, पापी राहू या केतु के चंगुल में फंस जाता है, तो यह दोष बनता है।
लाल किताब में चंद्र ग्रहण दोष 'अंधा शत्रु' माना जाता है। यह चंद्रमा के मंदे होने की निशानी है।
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चंद्र ग्रहण दोष से क्या प्रभाव होगा?
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चंद्र ग्रहण दोष से क्या प्रभाव होगा?
चंद्रमा हमारे 'मन' और 'माता' का प्रतीक है, इसलिए मानसिक पीड़ा और माता को हानि पहुंचती है।
स्वास्थ संबंधी कई गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।
जातक आसानी से डिप्रेशन का शिकार हो जाता है।
जातक में आत्महत्या करने की सोच बढ़ सकती है।
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चंद्र ग्रहण दोष के मुख्य लक्षण
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चंद्र ग्रहण दोष के मुख्य लक्षण
मानसिक अस्थिरता: बेवजह का डर, घबराहट और नकारात्मक विचार आना।
निर्णय लेने में कमी: व्यक्ति अक्सर 'कन्फ्यूजन' में रहता है और सही समय पर सही फैसला नहीं ले पाता।
माता को कष्ट: जातक की माता का स्वास्थ्य खराब रह सकता है या माता के साथ संबंधों में तनाव रहता है।
भावनात्मक कमजोरी: छोटी-छोटी बातों पर रोना आना या बहुत ज्यादा संवेदनशील होना।
एकाग्रता की कमी: पढ़ाई या काम में मन न लगना और हमेशा मानसिक थकान महसूस करना।
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चंद्र ग्रहण दोष है तो आजमाएं लाल किताब के 5 असरदार उपाय
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चंद्र ग्रहण दोष है तो आजमाएं लाल किताब के 5 असरदार उपाय
केसर का तिलक: माथे, जीभ और नाभि पर रोजाना केसर का तिलक लगाएं। इससे गुरु मजबूत होता है जो चंद्रमा को सहारा देता है।
चांदी का चौरस टुकड़ा: अपने पास हमेशा चांदी का एक छोटा सा चौकोर टुकड़ा रखें। यह चंद्रमा को स्थिरता देता है।
कुत्तों की सेवा: यदि चंद्रमा केतु के साथ है तो दो रंग के (काले-सफेद) कुत्ते को 43 दिनों तक मीठी रोटी खिलाना चाहिए।
नाक छिदवाएं: बुधवार के दिन नाक छिदवाकर उसमें चांदी का तार डालें और कम से कम 43 दिनों तक इसे ऐसे ही रखें। अगले दिन यानी गुरुवार को गुरु का दान जरूर करें।
जल का लौटा: एक तांबे के लौटे में पानी भरकर उसे अपने सिरहाने रखकर सोएं और सुबह उसे किसी कीकर के पेड़ की जड़ में डाल दें या बाहर कहीं ढोल दें।
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लाल किताब के अन्य असरदार उपाय
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लाल किताब के अन्य असरदार उपाय
बरगद की सेवा: बरगद के पेड़ की जड़ में मीठा दूध चढ़ाएं और वहां की गीली मिट्टी से माथे पर तिलक लगाएं।
शमशान का पानी: किसी लाल किताब के विशेषज्ञ को कुंडली दिखाने के बाद यदि मानसिक कष्ट बहुत ज्यादा हो, तो शमशान के कुएं या नल का पानी लाकर घर में चांदी की डिब्बी में भरकर रखें (इसमें चांदी का एक टुकड़ा भी डालें)।
जौ को बहाना: किसी लाल किताब के विशेषज्ञ को कुंडली दिखाने के बाद यदि राहु के साथ चंद्रमा है तो जौ को दूध से धोकर बहते पानी में बहाएं।
कच्चा कोयला: किसी लाल किताब के विशेषज्ञ को कुंडली दिखाने के बाद 400 ग्राम या 4 किलो कच्चा कोयला लेकर उसे बहते हुए साफ पानी (नदी) में प्रवाहित कर सकते हैं।
माता की सेवा: अपनी माता के पैर छूकर आशीर्वाद लेना इस दोष के प्रभाव को तेजी से कम करता है।
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एकादशी का व्रत और शिव पुजा
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ये भी कर सकते हैं
एकादशी का व्रत: हमेशा एकादशी के व्रत को नियम से रखें और विधिवत रूप से उसका पालन करें।
शिव पूजा: सोमवार के दिन शिवजी की विधिवत रूप से पूजा करें।
सावधानी
दूध का सेवन: ऐसे जातक को रात को दूध नहीं पीना चाहिए और दूध एवं पानी का दान भी नहीं करना चाहिए।
मुफ्त की चीजें न लें: किसी से भी कोई चीज मुफ्त या दान में न लें।