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Chandra Grahan 2026 Date: भारत में आंशिक रूप से दिखेगा ग्रहण, जानें कब, कहां और कितनी देर रहेगा प्रभाव

Fri, 27 Feb 2026 10:24 AM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा और सूतक काल मान्य रहेगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी और इसे ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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Chandra Grahan 2026 - फोटो : अमर उजाला
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण मार्च महीने में फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी होता है। खास बात यह है कि यह चंद्रग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इसीलिए ग्रहण के दौरान सूतक काल भी मान्य रहेगा, जिसे धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
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पंचांग के अनुसार, यह चंद्रग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को लगेगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। इस तरह इसकी कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी। आइये जानते हैं यह ग्रहण कब और कहां लगेगा। 
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Chandra Grahan 2026 - फोटो : PTI
चंद्रग्रहण 2026 का समय
साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को लगेगा। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा। शाम 4 बजकर 34 मिनट पर खग्रास अवस्था आरंभ होगी, जब चंद्रमा पूर्ण रूप से पृथ्वी की छाया में आ जाएगा। ग्रहण का मध्य समय 5 बजकर 33 मिनट पर रहेगा और अंततः यह ग्रहण 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। खग्रास की कुल अवधि लगभग 59 मिनट की होगी, जो इस खगोलीय घटना का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
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Chandra Grahan 2026 - फोटो : PTI
क्या भारत में दिखाई देगा चंद्रग्रहण?
यह चंद्रग्रहण भारत में ग्रस्तोदय रूप में दिखाई देगा। इसका अर्थ है कि जब भारत में चंद्रमा का उदय होगा, तब तक उस पर ग्रहण लग चुका होगा। इसलिए भारत में ग्रहण की शुरुआत और खग्रास का पूरा दृश्य नहीं देखा जा सकेगा। भारतीय शहरों में चंद्रोदय के समय से ही ग्रहण को मान्य माना जाएगा। अधिकांश स्थानों पर लोगों को ग्रहण का अंतिम चरण ही देखने को मिलेगा।

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Chandra Grahan 2026 - फोटो : adobe
भारत में कितनी देर दिखाई देगा ग्रहण?
भारत में इस चंद्रग्रहण की दृश्य अवधि सीमित रहेगी। यद्यपि ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट है, लेकिन दिल्ली में चंद्रोदय शाम 6 बजकर 22 मिनट पर होगा। चूंकि ग्रहण का समापन 6 बजकर 47 मिनट पर होगा, इसलिए दिल्ली में यह लगभग 25 मिनट ही दिखाई देगा। अन्य शहरों में चंद्रोदय के समय के अनुसार अवधि अलग-अलग हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में ग्रहण की दृश्य अवधि अधिक, लगभग 59 मिनट तक हो सकती है।
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Chandra Grahan 2026 - फोटो : PTI
सूतक काल
धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है। इस प्रकार 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल प्रभावी हो जाएगा। सूतक के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते। मंदिरों में भगवान की प्रतिमाओं को स्पर्श करना वर्जित माना जाता है। हालांकि इस दौरान मानसिक रूप से जप, ध्यान और प्रार्थना की जा सकती है।
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Chandra Grahan 2026 - फोटो : Freepik
कहां-कहां दिखाई देगा चंद्रग्रहण?
भारत के केवल सुदूर पूर्वी राज्यों जैसे असम, नागालैंड, मिज़ोरम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में ग्रहण के अंतिम चरण और समापन का स्पष्ट दृश्य देखा जा सकेगा। शेष भारत में चंद्रोदय के समय तक खग्रास समाप्त हो चुका होगा, इसलिए वहां केवल ग्रहण का अंतिम भाग ही दिखाई देगा।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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