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Chandra Grahan 2025: होली के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण, क्या भारत में देगा दिखाई ?

Tue, 04 Mar 2025 10:56 AM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Chandra Grahan 2025 Date and Time: साल 2025 का तीसरा महीना यानी मार्च अब शुरु हो चुका है, इसे वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। 
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Chandra Grahan 2025 Date and Time - फोटो : अमर उजाला
Chandra Grahan 2025 Date and Time: साल 2025 का तीसरा महीना यानी मार्च अब शुरु हो चुका है, इसे वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। मार्च मुख्य रूप से होली पर्व के लिए जाना जाता है और इस माह का इंतजार हर व्यक्ति को साल भर रहता है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक यह फाल्गुन महीना होता है और इसके शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन किया जाता है, जिसके अगले दिन धूमधाम से होली खेली जाती है। इस बार पूर्णिमा तिथि 13 मार्च 2025 को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 14 मार्च 2025 को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में 13 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, जबकि 14 मार्च 2025 को रंगों की होली मनाई जाएगी। परंतु इस वर्ष होली पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ऐसे में आइए चंद्र ग्रहण के समय और प्रभाव के बारे में विस्तार से जानते हैं....
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साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को सुबह 9 बजकर 29 मिनट से दोपहर 3 बजकर 29 मिनट तक रहने वाला है। - फोटो : Freepik
क्या भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण ?
साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को सुबह 9 बजकर 29 मिनट से दोपहर 3 बजकर 29 मिनट तक रहने वाला है। लेकिन भारत में यह चंद्र ग्रहण नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ऐसे में इसका कोई असर होली के त्योहार पर भी नहीं होगा। आपको बता दें, साल का पहला चंद्र ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, यूरोप के अधिकांश भाग, अफ्रीका के बड़े हिस्से, प्रशांत, अटलांटिक और आर्कटिक महासागर, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी एशिया तथा अंटार्कटिका में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
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चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जो सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के एक सीधी रेखा में आने पर घटती है - फोटो : Freepik
चंद्र ग्रहण के प्रकार
चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जो सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के एक सीधी रेखा में आने पर घटती है। माना जाता है कि सूर्य और चंद्रमा के बीच में होने की वजह से पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं। चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं, जिसे आंशिक चंद्र ग्रहण, पूर्ण चंद्र ग्रहण और उपछाया चंद्रग्रहण के नाम से जाना जाता है।

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ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए - फोटो : Freepik.com
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें
ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। इस समय भूलकर भी खानपान का सेवन, बाहर आना-जाना व सुई से जुड़ा कोई भी कार्य न करें।
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ग्रहण होने पर पूजा-पाठ न करें, साथ ही मंदिर को भी नहीं छूना चाहिए। - फोटो : freepik
ग्रहण होने पर पूजा-पाठ न करें, साथ ही मंदिर को भी नहीं छूना चाहिए। ऐसा करना अशुभ हो सकता है। इस दौरान सिलाई-कढ़ाई, बालों में कंघा, नुकीली चीजों का इस्तेमाल और भोजन का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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