Budh Uday Ka rashiyon Par Prabhav: वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, संचार, तर्क, शिक्षा, व्यापार और गणना का कारक माना जाता है। जब बुध अस्त रहते हैं, तो इन क्षेत्रों से जुड़े कार्यों की गति कुछ धीमी हो सकती है। वर्ष 2026 में बुध 1 जुलाई से अस्त अवस्था में हैं, लेकिन 25 जुलाई 2026 को वे अपनी ही राशि मिथुन में उदित होंगे। अपनी स्वराशि में उदित होने के कारण बुध का प्रभाव अधिक मजबूत माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका सकारात्मक असर कई राशियों पर पड़ सकता है, विशेष रूप से करियर, व्यवसाय, शिक्षा और आर्थिक मामलों में। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन 5 राशियों के लिए यह समय अधिक लाभकारी माना जा रहा है।