ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार माना जाता है। 11 अप्रैल को बुध अपनी मीन राशि में प्रवेश करेंगे जिससे कुछ राशि वालों को संभलकर रहना होगा।
ज्योतिष में बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, तर्कशास्त्र, व्यापार और त्वचा आदि का कारक ग्रह माना जाता है। बुध सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाले ग्रह होंते है और इनको ग्रहों का राजकुमार माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में बुधदेव अच्छी और मजबूत स्थिति में होते हैं उनकी बोलने की क्षमता और बुद्धि-विवेक बहुत ही बेहतरीन होती है। कुंडली में बुध ग्रह के शुभ प्रभाव से तेज बुद्धि के साथ परिस्थितियों के अनुसार सामंजस्य बिठाने का बेहतर अवसर मिलता है। ज्योतिष में बुध ग्रह को युवराज का दर्जा प्राप्त है और यह जल्द ही मीन राशि में गोचर करने वाले हैं और मीन राशि में बुध नीच के होते हैं। बुधदेव 11 अप्रैल 2026 को कुंभ से मीन राशि में गोचर होंगे। बुध के अपनी नीच राशि मीन में गोचर करने से कुछ राशि वालों को सावधान रहने की जरूरत होगी।
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मेष राशि
- फोटो : amar ujala
मेष राशि
11 अप्रैल को बुध के राशि परिवर्तन का मेष राशि के जातकों पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुधदेव आपकी राशि से तीसरे और छठे भाव के स्वामी होकर 12वें भाव में गोचर होंगे। ऐसे में मेष रााशि वालों को कोई नई डील करने से बचना होगा। नहीं तो आपको इसका नुकसान हो सकता है। बुध का अपनी नीच राशि में गोचर करने से आपके फैसलों पर विपरीत रूप से पड़ सकता है। सेहत संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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वृषभ राशि
- फोटो : amar ujala
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए बुध का मीन राशि में अपनी नीच राशि में गोचर अच्छा नहीं कहा जा सकता है। बुधदेव आपकी राशि से दूसरे और पंचम भाव में स्वामी हैं और यह आपके 11वें भाव में गोचर करने वाले हैं। ऐसे में आपको जल्दबाजी से करने से बचें। धन से संबंधी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपके मान-सम्मान में गिरावट भी देखने को मिलेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए बुध देव आपकी कुंडली के तीसरे और 12वें भाव के स्वामी ग्रह होते हैं। जो मीन राशि में गोचर आपके नवम भाव में नीच अवस्था में विराजमा होंगे। इस दौरान कुछ गलफहमियां पैदा हो सकती है। यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।