Mercury transit 2025: बुध ग्रह का संबंध वाणी, संवाद और संचार कौशल से होता है। हमारे बोलचाल का जीवन में विशेष महत्व है, इसलिए शब्दों को हमेशा सोच-समझकर बोलना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह वाणी, व्यापार, लेखन, गायन और भाषण जैसे क्षेत्रों का कारक माना गया है। यदि कुंडली में बुध ग्रह कमजोर हो या राहु-केतु जैसे ग्रहों के प्रभाव में हो, तो व्यक्ति को वाणी के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, अगर मंगल या शनि का प्रभाव होता है तो व्यक्ति अपनी बोली से मित्रों को भी शत्रु बना सकता है।
बुध गोचर 2025
जनवरी 2025 में बुध ग्रह का बड़ा गोचर होने जा रहा है, जो कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 18 जनवरी 2025 को बुध ग्रह धनु राशि में अस्त होंगे। 21 जनवरी 2025 को मंगल का गोचर बुध की राशि मिथुन में होगा। इसके बाद, 24 जनवरी 2025 को बुध ग्रह शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे। ऐसे में आइए जानते हैं कि वह राशियां कौन सी है, जिन्हें अपनी वाणी पर अधिक नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी।