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अग्निकांड, भीषण गर्मी और बेमौसम बारिश पर ज्योतिष की बड़ी भविष्यवाणी, मेष के मंगल बना रहे दुघर्टनाओं का योग

Sun, 07 Jun 2026 10:48 AM IST
Megha Kumari ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी

सार

Astrology Predictions On Agni Kand: ज्योतिषियों के अनुसार, मेष के मंगल जहां  दुघर्टनाओं का योग बना रहे हैं, वहीं सूर्य का मृगशिरा नक्षत्र गोचर भी कई बदलाव लेकर आ सकता है। 
 
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Predictions - फोटो : अमर उजाला AI
Astrology Predictions On Agni Kand: वर्ष 2026 की शुरुआत ही सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण से हुई, यद्यपि भारत में इस वर्ष सिर्फ मार्च महीने में लगा चन्द्र ग्रहण ही दृश्य हुआ। किंतु एक पखवाड़े में दो ग्रहण देश दुनिया के लिए शुभ संकेत नहीं कहे जा सकते हैं और इसके परिणाम स्वरूप विश्व में विकट युद्ध की स्थिति बनी जिसका प्रभाव अब भारत समेत पूरी दुनिया को देखना पड़ रहा है। अब यदि अपने देश भारत की बात करें, तो आर्थिक मंदी के साथ प्रकृति के भी प्रतिकूल प्रभाव देखने पड़ रहें हैं, कहीं बेमौसम बारिश, तूफान, बवंडर और अग्नि कांड की घटनाओं ने आम जनमानस को परेशान कर दिया है और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर प्रकृति का यह रौद्र रुप कब तक आम जनमानस को प्रभावित करता रहेगा ? जब भी उपरोक्त स्थितियों का सामना आम जनमानस करता है, तो उसके मन में ग्रहों नक्षत्रों की चाल का विचार अवश्य आता है कि आखिर ग्रह नक्षत्र की चाल ऐसी कौन सी दिशा में जा रही है जिससे लगातार ऐसी स्थिति बन रही है। 
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Astrology Predictions - फोटो : अमर उजाला AI
क्या कहती हैं ग्रहों-नक्षत्रों की चाल ?
वर्तमान समय में हो रही भीषण गर्मी, अग्नि कांड और मौसम में अचानक से परिवर्तन ज्योतिषी ने बताया कि, इस वर्ष 11 मई को अग्नि तत्व और उर्जा के कारक ग्रह मंगल अपने स्वामित्व वाली अग्नि तत्व की राशि मेष में प्रवेश के साथ प्रकृति में अग्नि कांड, तूफान, बवंडर का योग बनाने लगे थे। इसके साथ ही सूर्य का गोचर पृथ्वी तत्व की राशि वृष में 15 मई को आरंभ हुआ और 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ नौतपा की शुरुआत हुई।

इस दौरान देश के कई अंचलों में भीषण गर्मी की शुरुआत हुई किन्तु 2 जून को देवगुरु बृहस्पति ने अतिचारी गति से चन्द्रमा की राशि कर्क जोकि जल तत्व की राशि है में प्रवेश किया और बृहस्पति की अतिचारी गति ने मौसम में अचानक से परिवर्तन कर दिया,देश के कुछ भागों में अचानक वर्षा,ओले और आंधी तूफान का योग बना और इससे जन-धन की हानि हुई, यद्यपि देवगुरु बृहस्पति नैसर्गिक शुभ ग्रह हैं और उनका काम शुभ फल देना है, किन्तु बृहस्पति की अतिचारी गति देश दुनिया के लिए अच्छी नहीं कही जा सकती है। अभी 8 जून को भगवान सूर्य मंगल के मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे इससे स्थितियां और ज्यादा गंभीर हो सकती हैं और यह स्थिति 22 जून तक बनी रहेगी।
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Astrology Predictions - फोटो : adobe stock
सूर्य का मृगशिरा नक्षत्र गोचर
  • 8 जून 2026, दोपहर 01बजकर 39 मिनट पर
  • समाप्ति: 22 जून 2026, दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर
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प्रभाव
मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं, और सूर्य अग्नि तत्व के कारक हैं। इस युति से लोगों में ऊर्जा, शौर्य और जिज्ञासा बढ़ेगी, लेकिन साथ ही वायुमंडल में गर्मी और दबाव के कारण प्राकृतिक असंतुलन या मौसम में अप्रत्याशित बदलाव (जैसे आंधी-तूफान या अचानक बारिश, अग्नि कांड) देखने को मिल सकते हैं। 
गुरु की अतिचारी और उच्च चाल: 2 जून 2026 को गुरु ने अपनी परम उच्च राशि कर्क में प्रवेश किया।अतिचारी गति: गुरु इस समय तेज गति (अतिचारी) से चल रहे हैं।

प्राकृतिक प्रभाव
उच्च राशि में गुरु का यह गोचर और उनकी तेज चाल राजनीति में बड़े उलटफेर, मौसम के मिजाज में तीखे बदलाव (अतिवृष्टि या अचानक मौसम का ठंडा होना) और भूगर्भीय हलचल का कारण बन सकती है। जब बृहस्पति अतिचारी (सामान्य से तेज गति) होते हैं, तो वे अपनी शुभता खोकर देश-दुनिया में तेजी से बड़े, अप्रत्याशित और उथल-पुथल भरे बदलाव लाते हैं, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, मौसम और शासन-व्यवस्था पर पड़ता है।
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Astrology Predictions - फोटो : adobe stock
अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव
अतिचारी बृहस्पति के प्रभाव से वैश्विक बाजारों और वित्तीय नीतियों में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। मुद्रास्फीति और मंदी के दबाव से जनता और व्यापारिक जगत को जूझना पड़ सकता है।

प्राकृतिक और जलवायु परिवर्तन
अतिचारी गति के कारण मौसम के चक्र में अनिश्चितता आती है। असामयिक बारिश, तापमान में भारी उतार-चढ़ाव या प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य का मंगल के स्वामित्व वाले मृगशिरा नक्षत्र (8 जून से 22 जून तक) में गोचर और मंगल का अपनी मेष राशि में गोचर ऊर्जा में भारी वृद्धि करता है। यह अग्नि तत्व का योग है, जिससे आक्रामकता, तकनीकी दुर्घटनाएं, और अप्रत्यक्ष रूप से अग्नि से जुड़ी घटनाएं बढ़ सकती हैं।
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