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Karj Mukti Ke Upay: आखिर कर्ज क्यों होता है ? जानें कर्ज से छुटकारा पाने के छोटे-छोटे उपाय

Wed, 26 Nov 2025 10:24 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Karj Door Karne Ke Upay: कर्ज शुरुआत में छोटा लगता है, लेकिन समय के साथ उसका बोझ बढ़कर मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव पैदा करता है। आय-व्यय का सही मूल्यांकन, खर्चों पर नियंत्रण, प्राथमिकता के साथ कर्ज चुकाना और अनुशासन अपनाना। 
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कर्ज मुक्ति के उपाय - फोटो : amar ujala
Karj Mukti Remedies: कर्ज शुरुआत में छोटा और संभालने योग्य लगता है, लेकिन समय के साथ उसका बोझ बढ़ता जाता है और मन पर दबाव डालने लगता है। जैसे हल्की पानी की बोतल शुरू में बिल्कुल भी भारी नहीं लगती, लेकिन उसे लंबे समय तक पकड़े रहने पर हाथ सुन्न होने लगता है। ठीक उसी तरह कर्ज भी समय बीतने के साथ मानसिक तनाव और चिंता बढ़ाता है। समय पर किस्त न भर पाने का डर व्यक्ति के आत्मविश्वास और जीवन की शांति दोनों को प्रभावित करता है।
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कर्ज से मुक्ति पाने के लिए सबसे पहले अपनी आय और खर्चों का ईमानदार मूल्यांकन करना जरूरी है ताकि अनावश्यक खर्चों को रोका जा सके। दूसरी बात, सभी कर्जों की सूची बनाकर सबसे छोटे या सबसे ज्यादा ब्याज वाले कर्ज को प्राथमिकता देकर चुकाना चाहिए। अतिरिक्त आय के विकल्प तलाशना और समय पर किस्त भरने की आदत बनाना भी बेहद मददगार होता है। धीरे-धीरे अनुशासन और सही योजना के साथ कर्ज का बोझ कम होता जाता है और जीवन फिर से सहज महसूस होने लगता है।
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कर्ज क्यों होता है ? - फोटो : Adobe Stock
कर्ज क्यों होता है ?
कर्ज बढ़ने की सबसे बड़ी वजह यह है कि लोग अपनी जरूरत और चाहत में फर्क नहीं कर पाते। व्यवसाय, शिक्षा या घर जैसे कामों के लिए लिया गया कर्ज भविष्य में लाभ देता है और किसी न किसी रूप में संपत्ति बढ़ाता है। लेकिन जब लोग दिखावे, महंगी गाड़ियों या अनावश्यक खर्चों के लिए कर्ज लेते हैं, तो यही कर्ज धीरे-धीरे परेशानी का कारण बन जाता है। ऐसे कर्ज न तो कोई संपत्ति बनाते हैं और न ही भविष्य में कोई फायदा देते हैं।

अक्सर लोग इस भ्रम में फंस जाते हैं कि अभी पैसे की कमी है तो कर्ज ले लेते हैं, बाद में सब आसानी से चुका देंगे। लेकिन वास्तविकता यह है कि किस्तें और ब्याज धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं, और इंसान एक चक्र में फंस जाता है। आय जितनी हो, उससे ज्यादा खर्च करने की आदत कर्ज को और बढ़ाती है। इसलिए समझदारी इसी में है कि कर्ज लेने से पहले उसकी जरूरत और असर को अच्छी तरह सोच लिया जाए।
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बुध ग्रह और कर्ज का संबंध - फोटो : adobe stock
बुध ग्रह और कर्ज का संबंध
ज्योतिष में बुध ग्रह को समझदारी, विश्लेषण क्षमता और वित्तीय निर्णयों का कारक माना जाता है। जब कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो व्यक्ति सही-गलत का मूल्यांकन नहीं कर पाता और गलत आर्थिक फैसले कर बैठता है। ऐसे समय में वह जल्दबाज़ी में कर्ज ले लेता है और बाद में उसी कर्ज का बोझ बढ़ जाता है।

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घर में तुलसी का पौधा बार-बार सूख जाना बुध के कमजोर होने का संकेत माना जाता है। - फोटो : AI Generated
कमजोर बुध की पहचान
  • व्यक्ति बिना सोचे तुरंत निर्णय कर लेता है और बाद में पछताता है।
  • गलत लोगों पर भरोसा कर लेता है और जरूरी समय पर “ना” नहीं कह पाता।
  • छोटी जरूरतों पर भी कर्ज लेना उसकी आदत बन जाती है।
  • भविष्य की योजना स्पष्ट नहीं होती, इसलिए कर्ज के लंबे असर को समझ नहीं पाता।
  • घर में तुलसी का पौधा बार-बार सूख जाना बुध के कमजोर होने का संकेत माना जाता है।
  • बड़े पत्थर वाले पौधे या कैक्टस घर में हों, तो वे भी बुध की ऊर्जा को बाधित कर सकते हैं।
  • घर की सीढ़ियां टूटी हों या वहां सामान भरा हो, तो यह बुध की शक्ति को कम करता है।
 
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हर दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और हरे रंग का उपयोग बढ़ाएं। - फोटो : Adobe Stock
कर्ज से मुक्ति के सरल उपाय
  • बुध ग्रह को मजबूत करें
  • हर दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और हरे रंग का उपयोग बढ़ाएं।
  • उत्तर और पश्चिम दिशा को साफ रखें, अव्यवस्था न करें और अनावश्यक सामान हटाएं।
  • राहु का प्रभाव कम करें
  • रविवार को छोड़कर बाकी दिनों में पीपल के पेड़ के नीचे चीनी डालें।
  • पानी की लीकेज ठीक करवाएं
  • नल, पाइप और ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत करवाकर पानी का बहना रोकें।
  • बेकार सामान हटाएं
  • विशेषकर उत्तर और पश्चिम दिशा में रखा हुआ टूटा, पुराना या निष्क्रिय सामान तुरंत हटा दें।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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