यह गोचर 25 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 22 मई 2033 तक प्रभावी रहेगा
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इस गोचर की विशेषता क्या है?
ज्योतिष में अरुण (यूरेनस) ग्रह को परिवर्तन, क्रांति और अचानक होने वाले बड़े बदलावों का कारक माना जाता है। यह ग्रह पुराने नियमों और परंपराओं को तोड़कर नई सोच और नई दिशा देने की ऊर्जा प्रदान करता है। खगोल विज्ञान की दृष्टि से भी यह ग्रह अपनी अत्यधिक झुकी हुई धुरी के कारण अन्य ग्रहों से अलग है, जिससे इसका प्रभाव भी असामान्य और अप्रत्याशित माना जाता है। पिछले लगभग 8 वर्षों से यह वृषभ राशि में स्थित था, जहाँ इसने धन, संसाधनों और पर्यावरण के प्रति लोगों की सोच में महत्वपूर्ण बदलाव किए। अब इसका मिथुन राशि में प्रवेश एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। मिथुन राशि वायु तत्व से संबंधित है और यह संचार, शिक्षा, तकनीक, यात्रा और सूचना के क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में अरुण ग्रह का यहाँ गोचर इन सभी क्षेत्रों में बड़े और तेज बदलावों का संकेत दे सकता है। यह गोचर 25 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 22 मई 2033 तक प्रभावी रहेगा, यानी लगभग 7 वर्षों तक इसका प्रभाव वैश्विक और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर महसूस किया जाएगा।