Akshay Tritiya Upay: शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या राहु-केतु के प्रभाव को कम करने के लिए अक्षय तृतीया को बेहद खास अवसर माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं ग्रह दोष से मुक्ति के लिए इस दिन कौन से उपाय करने चाहिए।
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अक्षय तृतीया ग्रह दोष से मुक्ति के उपाय
- फोटो : Amar Ujala
Akshaya Tritiya 2026 Daan Remedies: जीवन की भागदौड़ में कई बार ऐसा दौर आता है, जब हर कोशिश के बावजूद काम अटकने लगते हैं और मन बिना वजह बेचैन रहने लगता है। सब कुछ ठीक होते हुए भी कुछ अधूरा सा महसूस होता है। ज्योतिष के अनुसार, ऐसे समय में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या राहु-केतु का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर असर डाल सकता है। लेकिन एक खास अवसर ऐसा भी आता है, जब छोटे-से प्रयास से बड़े बदलाव हो सकते हैं, वह दिन है अक्षय तृतीया।
क्यों खास है अक्षय तृतीया?
सनातन परंपरा में ‘अक्षय’ का अर्थ है जो कभी समाप्त न हो। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य और अच्छे कर्मों का फल कभी खत्म नहीं होता, बल्कि कई जन्मों तक बना रहता है। साल 2026 में यह तिथि विशेष मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है, जो दान और उपायों के प्रभाव को और बढ़ा देता है।
शनि दोष से राहत के उपाय
अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, तो अक्षय तृतीया पर ये दान करना लाभकारी माना जाता है।
काले तिल और सरसों का तेल: इनका दान करने से शनि से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है।
लोहे की वस्तुएं: जैसे तवा, कड़ाही या अन्य लोहे के बर्तन जरूरतमंद को देना शुभ माना जाता है।
छाता और चप्पल: गर्मी के मौसम में इन चीजों का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।
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राहु-केतु के प्रभाव को शांत करने के उपाय
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राहु-केतु के प्रभाव को शांत करने के उपाय
राहु को भ्रम और मानसिक तनाव का कारक माना गया है। इससे बचाव के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं।
जौ का दान: शास्त्रों में जौ को अत्यंत पवित्र माना गया है, इसका दान राहु के दुष्प्रभाव को कम करता है।
नारियल अर्पित करें: मंदिर में चढ़ाना या जरूरतमंद को देना मानसिक शांति देता है।
पक्षियों को सप्तधान्य खिलाएं: सात प्रकार के अनाज का दान राहु-केतु दोष को शांत करता है।
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जल दान का विशेष महत्व
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जल दान का विशेष महत्व
अक्षय तृतीया पर पानी से भरा मिट्टी का घड़ा (मटका) दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। यह न केवल किसी जरूरतमंद की प्यास बुझाता है, बल्कि पितृ दोष को शांत करने में भी सहायक होता है।
शास्त्रीय आधार
अक्षय तृतीया के महत्व और इन उपायों का उल्लेख भविष्य पुराण, स्कंद पुराण और मत्स्य पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। पारंपरिक ज्योतिष और विद्वानों के अनुसार, इस दिन किए गए ये उपाय जीवन की बाधाओं को दूर करने में प्रभावी माने जाते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।