ज्योतिष में शनिदेव का विशेष स्थान बताया गया है। शनिदेव व्यक्तियों को उसके द्वारा किए गए कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। अच्छे कर्म करने पर अच्छा फल और बुरे कर्म करे बुरा फल प्रदान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि शनिदेव गरीबों और असहायों पर विशेष कृपा रखते हैं। जो व्यक्ति हमेशा गरीबों की मदद करते हैं शनिदेव उन पर हमेशा अपनी कृपा रखते हैं। वहीं जो लोग गरीब और असहाय को परेशान करते हैं उन्हें शनिदेव के कोप का शिकार करना पड़ता है। शनिदेव के अशुभ होने पर व्यक्ति के जीवन में शनि साढ़ेसाती, ढैय्या और शनिदोष होता है। शास्त्रों में शनि के दोषों से मुक्त पाने के लिए और कुंडली में शनि को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं।