राहु और केतु
कुंडली में केतु का नकारात्मक प्रभाव
राहु और केतु दोनों ही ग्रह हमेशा उल्टी चाल से चलते हैं। राहु-केतु करीब 18 महीने में एक से दूसरी राशि में परिवर्तन करते हैं। जिसका असर उन जातकों के जीवन में गहरा होता है जिन पर राहु-केतु का असर होता है। राहु की तरह ही केतु को भी अशुभ फल देने वाला छाया ग्रह माना जाता है। अगर किसी जातक की कुंडली में केतु अशुभ भाव में बैठा होता है तो व्यक्ति को नींद, धन हानि, धन लाभ में परेशानी, पारिवारिक तनाव, संतान कष्ट और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं से घिरा हुआ होता है।