हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार जिस तरह से हम हथेली पर मौजूद रेखाओं को देखकर व्यक्ति के स्वभाव और उसके भविष्य के बारे में आकलन कर सकते हैं, ठीक उसी प्रकार माथे पर बनने वाली रेखाएं भी व्यक्ति के भाग्य और भविष्य में होने वाली घटनाएं के बारे में पता किया जा सकता है। समुद्रशास्त्र के अनुसार व्यक्ति के माथे पर कई तरह की रेखाएं होती हैं। आइए जानते हैं इन रेखाओं के बारे में।
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माथे पर सबसे ऊपर बनने वाली रेखा को शनिरेखा कहते है। यह रेखा माथे के बीच में होती है जिसकी लंबाई ज्यादा नहीं होती है। जिस किसी के भी यह रेखा स्पष्ट नजर आती है वह स्वभाव से गंभीर होता है। ऐसा व्यक्ति ज्यादा लोगों से मेल-मिलाप नहीं कर पाता है लेकिन वह तेज दिमाग का माना जाता है।
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माथे पर गुरु रेखा का स्थान शनि रेखा से नीचे होता है। यह शनि रेखा से बड़ी होती है जिस किसी के माथे पर यह रेखा बनती है वह अपने क्षेत्र के ऊंचे पदो पर आसीन होता है। ऐसे लोग आत्मविश्वास से भरे होते है और कोई निर्णय लेने में देर नहीं करते है।
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जो रेखा गुरु रेखा के नीचे बनती हो उसे मंगल रेखा कहते है। ऐसी रेखा वाला व्यक्ति साहसी, तेज, स्वाभिमानी और क्रिएटिव होता है। ऐसे लोग किसी उच्च सरकारी पद पर अपनी सेवाएं देते हैं। इन व्यक्तियों के पास पैसे की कमी कभी भी महसूस नहीं होती है।
जो रेखा दाई आंख के ऊपर बनती हो उसे सूर्य रेखा कहते है। यह रेखा आंख के आसपास ही बनती है। जिस किसी के भी यह रेखा होती है वह बहुमुखी प्रतिभा का धनी होता है साथ ही हमेशा मान-सम्मान मिलता है। ऐसे लोग वैज्ञानिक, नेता और शिक्षक हो सकते है।