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Mahalaxmi Puja: 50 साल बाद बन रहा है लक्ष्मी योग, जानिए किस समय पूजा करने से होगा शुभ लाभ

Sun, 27 Oct 2019 02:40 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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diwali - फोटो : diwali 2019
इस बार आज महालक्ष्मी पर विशेष योग बन रहा है, जिसे ज्योतिशास्त्र की भाषा में लक्ष्मी योग कहते हैं। इस महालक्ष्मी विद्या, बुद्धि, विवेक, धन, धान्य, सुख, शांति और समृद्धि के मंगल योग में मां लक्ष्मी का आगमन होगा। धार्मिक कथाओं के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या अर्थात दिवाली का दिन लक्ष्मी जी का प्राकट्य दिवस होता है। इस दिन मां विष्णु भगवान के साथ धरती पर आती हैं।
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दीपावली - फोटो : Social media
पूजन स्थिर लग्न में
दिवाली पूजन में स्थिर लग्न बहुत अधिक महत्वपूर्ण मन जाता है। ज्योतिशास्त्र के अनुसार शुभ कार्यों के लिए स्थिर लग्न का होना अतिआवश्यक है। स्थिर लग्न में पूजा करने से लक्ष्मी जी का स्थायी वास घर में हो जाता है। 
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आज के चुनिंदा 4 शेर... - फोटो : social media
लक्ष्मी योग
इस वर्ष दिवाली पूजन के समय चंद्रमा तुला राशि में प्रवेश करेगा और शुक्र पहले से ही तुला राशि में मौजूद है। ज्योतिष के अनुसार इसे लक्ष्मी योग कहा जाता है और यह योग पचास साल बाद आ रहा है। 

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लक्ष्मी पूजन
लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त
प्रदोषकाल
अमावस्या के दिन गृहस्थों के लिए अपने निवास स्थान में पूजा के लिए सायं 05 बजकर 36 मिनट से रात्रि 08 बजकर 14 मिनट तक का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा। इसमें भी शायं 06 बजकर 40 मिनट से 08 बजकर 35 मिनट के मध्य बृषभ (स्थिर लग्न)रहेगा। इसी अवधि के मध्य में दीप-दान एवं पूजन के लिए चित्रा नक्षत्र तुला राशिगत चन्द्र तथा शुभ एवं अमृत चौघड़िया रहने से श्री महालक्ष्मी का पूजन कई गुना अधिक शुभ फलदायी रहेगा।
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diwali - फोटो : diwali
निशीथकाल
साधकों के लिए ईष्ट आराधना, कुल देवी-देवता का पूजन, मंत्र सिद्धि अथवा जागृत करने, श्रीसूक्त, लक्ष्मी सूक्त, कनकधारा स्तोत्र, आदि का जप पाठ करने के लिए उपयुक्त निशीथकाल का शुभ समय रात्रि 08 बजकर 14  मिनट से 10 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
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लक्ष्मी पूजा - फोटो : SELF
महानिशीथ काल
तांत्रिक जगत के लिए मारण, मोहन, उच्चाटन, विद्वेषण वशीकरण आदि की साधना-सिद्धियों के लिए महानिशीथ काल की अवधि रात्रि 10 बजकर 49 मिनट से मध्यरात्रि 01 बजकर 14 मिनट तक के मध्य है। इसी काल में कर्क एवं सिंह लग्न भी क्षितिज का स्पर्श करेगा जो साधना-सिद्धि के लिए अति शुभफलदाई माना गया है। 
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